PoJK एक्टिविस्ट Amjad Mirza का बड़ा खुलासा, कहा- Pakistan Army के इशारे पर चलता है वहां का मीडिया

By अभिनय आकाश | May 04, 2026

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (PoJK) के कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्ज़ा ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (PoGB) और जम्मू-कश्मीर में मीडिया स्वतंत्रता की स्थिति पर प्रकाश डाला और वहां के लोगों के चल रहे संघर्ष की ओर ध्यान आकर्षित किया। अपने संदेश में मिर्ज़ा ने कहा कि इन क्षेत्रों के लोगों की आवाज़ और चिंताओं को अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उन्हें न केवल विश्वसनीय और स्वतंत्र जानकारी तक पहुंच से वंचित रखा जाता है, बल्कि स्थानीय मीडिया में विविध दृष्टिकोणों से भी वंचित रखा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राय पृष्ठों और संपादकीय क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर से संबंधित ऐतिहासिक और राजनीतिक घटनाक्रमों पर सवाल उठाने वाले दृष्टिकोणों को जगह नहीं दी जाती है।

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उन्होंने अप्रत्यक्ष सेंसरशिप पर भी चिंता जताई और कहा कि सरकारी विज्ञापनों पर प्रिंट मीडिया की निर्भरता अनुरूपता का दबाव पैदा करती है। मिर्ज़ा ने कहा कि इन क्षेत्रों में समाचार पत्रों की आय का प्राथमिक स्रोत विज्ञापन राजस्व खोने का डर मीडिया संस्थानों में स्व-सेंसरशिप को जन्म देता है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की सीमित उपस्थिति की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय टेलीविजन चैनलों की अनुपस्थिति के कारण प्रिंट मीडिया सूचना का प्रमुख स्रोत बन गया है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रभुत्व का उपयोग विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर से संबंधित मुद्दों पर विचारों को गढ़ने और प्रतिवादों को दबाने के लिए किया जा रहा है।

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