By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 29, 2026
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ दर्ज एक मामले में पूर्वी मेदिनीपुर पुलिस ने मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय को बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेकर यह प्राथमिकी दर्ज की थी और कोलाघाट स्थित एक घर की तलाशी में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली थी। उस समय विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे अधिकारी ने तलाशी से जुड़ी स्वत: संज्ञान प्राथमिकी के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था। उच्च न्यायालय ने 24 मई, 2024 को इस प्राथमिकी पर रोक लगा दी थी।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि वकील पुलिस रिपोर्ट के मद्देनजर याचिका पर आगे सुनवाई नहीं चाहते, इसलिए इसे ‘‘आगे नहीं बढ़ाने’’ के आधार पर खारिज किया जाता है। मुखर्जी ने कहा कि स्वत: संज्ञान मामला इस कथित सूचना के आधार पर दर्ज किया गया था कि परिसर में देसी बम और नकदी रखी हुई थी। उच्च न्यायालय ने 24 मई, 2024 को कोलाघाट के तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा 22 मई को दर्ज स्वत: संज्ञान प्राथमिकी पर रोक लगा दी थी।