By अंकित सिंह | Nov 15, 2022
बिहार में जातीय जनगणना को लेकर सियासत होने का नाम नहीं ले रही है। एक बार फिर से भाजपा ने जातीय जनगणना को लेकर नीतीश सरकार पर जबरदस्त तरीके से निशाना साधा है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने साफ तौर पर नीतीश कुमार पर जातीय जनगणना डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार इसे टालने के लिए लगातार नए नए बहाने ढूंढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार निकाय चुनाव टाल कर अतिपिछड़ों को वंचित करने के बाद अब जातीय जनगणना टालने के नये-नये बहाने खोज रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना शुरु करने का समय अगले साल फरवरी से बढ़ा कर मई 2023 करने का कैबिनेट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।
इससे पहले मोदी ने कहा था कि नीतीश कुमार की जिद की वजह से ही नगर निकाय चुनाव टाले गए हैं। उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार की जिद के कारण निकाय चुनाव टल गए, जिससे अतिपिछड़ा वर्ग के सैकड़ों लोग मेयर-डिप्टी मेयर बनने से वंचित रह गए। इसके साथ ही मोदी ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले के बाद भले ही सरकार झुकी और अतिपिछड़ों को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए अतिपिछड़ा वर्ग आयोग को पुनर्जीवित कर दिया गया, लेकिन अभी तय नहीं कि कब आयोग की रिपोर्ट आयेगी और चुनाव कब होंगे।