Chai Par Sameeksha: चढ़ने लगा सियासी पारा, BJP के तेवर से बैकफुट पर दिख रही कांग्रेस!

By अंकित सिंह | Apr 29, 2024

प्रभासाक्षी के खास कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में हमने हमेशा की तरह सियासी मुद्दों पर चर्चा की। देश में लोकसभा चुनाव का माहौल है। प्रचार जबरदस्त तरीके से हो रही है। ऐसे में माहौल क्या है, यह सभी लोग जानना चाहते हैं। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे जी। हमने नीरज दुबे से प्रचार में दिख रही धार्मिक मुद्दों की धार पर सवाल पूछा। इस पर नीरज दुबे ने कहा कि पहले और दूसरे चरण में कांग्रेस और भाजपा ने अपने प्रचार को घोषणा पत्र पर सीमित कर रखा था। लेकिन जैसे ही दोनों पार्टियों ने देखा की जनता में लोकसभा चुनाव को लेकर उत्सुकता कम दिख रही है, वे मतदान के लिए बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में आक्रामक प्रचार की शुरुआत हुई। जाति धर्म को लाया गया।

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हालांकि नीरज दुबे ने कहा कि धर्म, राम मंदिर, मंगलसूत्र जैसे मुद्दे जमीन पर काम नहीं कर रहे हैं। जनता महंगाई और बेरोजगारी पर सवाल पूछ रही है। लेकिन जनता के सामने कोई बड़ा विकल्प नहीं है। इसलिए बीजेपी के लिए परिस्थितयां सहज बनती दिखाई दे रही है। नीरज दुबे ने बताया कि सांसदों को लेकर नाराजगी है। लोग यह कहते हैं बहुत ज्यादा काम नहीं हुआ है। बावजूद इसके लोगों को लगता है सत्ता में एक बार फिर से नरेंद्र मोदी ही आएंगे। 

हमने सैम पित्रोदा के बयान पर भी नीरज दुबे से सवाल पूछा। नीरज दुबे ने कहा कि सैम पित्रोदा जैसे लोग कांग्रेस के लिए परिस्थितियों को और कठिन बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सैम पित्रोदा के बयान को कांग्रेस पूरी तरीके से खारिज भी नहीं कर पा रही है। कांग्रेस उसे निजी विचार बता रही है जो की पार्टी के ऊपर कहीं ना कहीं सवाल उठाते हैं। गांव तक सैम पित्रोदा का संदेश पहुंच रहा है। ऐसे में कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। भारत में विरासत एक बड़ी चीज मानी जाती है। इसके भावनात्मक लगाव भी है। ऐसे में कांग्रेस की ओर से इस तरीके के बयान आना उसके लिए नुकसान कर सकता है। 

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