By अभिनय आकाश | Jul 15, 2024
विवादों से घिरी ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर ने कहा कि वह समिति के समक्ष अपने खिलाफ सभी आरोपों का सामना करेंगी।वर्तमान में सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए अपनी विकलांगता के बारे में कथित तौर पर झूठ बोलने के कारण जांच के दायरे में हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इसे मीडिया ट्रायल बताते हुए कहा कि ये एक मीडिया ट्रायल है और लोग देख रहे हैं। आख़िरकार सच्चाई सामने आ ही जाएगी। भारतीय संविधान के मुताबिक, जब तक आरोप साबित न हो जाए तब तक किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे समिति के सामने जो कुछ भी कहना होगा, मैं कहूंगी और समिति जो भी निर्णय लेगी, मैं उसे स्वीकार करूंगी।
सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए फर्जी दिव्यांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने की आरोपी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के पिता ने उनका बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया है। पूजा हाल ही में तब सुर्खियों में आईं जब उन्होंने पुणे में अपनी तैनाती के दौरान कथित तौर पर अलग केबिन और स्टाफ की मांग की थी और उसके बाद उनका अचानक वाशिम जिले में तबादला कर दिया गया। इसके बाद उन पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) (आठ लाख रुपये से कम वार्षिक आय) और दृष्टिबाधित श्रेणियों के तहत सिविल सेवा परीक्षा देकर और मानसिक बीमारी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके आईएएस में स्थान प्राप्त करने के आरोप लगे।