एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप: पूजा रानी ने जीता गोल्ड मेडल, मैरीकॉम को सिल्वर से करना पड़ा संतोष

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 31, 2021

दुबई। गत चैम्पियन पूजा रानी (75 किग्रा) ने शानदार जीत से लगातार दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया जबकि छह बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा) और टूर्नामेंट में पदार्पण कर रही लालबुतसाही (64 किग्रा) को रविवार को यहां एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के फाइनल में हारने के बाद में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर चुकी पूजा बाई और वॉकओवर मिलने के बाद टूर्नामेंट का पहला मुकाबला खेल रही थीं और उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन के बूते उज्बेकिस्तान की मावुलडा मोवलोनोवा को पराजित किया। एक मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतने से उन्हें 10,000 डॉलर की इनामी राशि मिली। उनकी प्रतिद्वंद्वी के बाद उनके तेजी का कोई जवाब नहीं था।

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मिजोरम की इस मुक्केबाज ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को जवाबी हमलों से थका दिया लेकिन अंतिम दौर में लय गंवा बैठी और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।. इससे पहले मैरीकॉम ने अपने से 11 साल कम उम्र की मुक्केबाज के खिलाफ ने शानदार शुरूआत करते हुए पहले दौर में तेज तर्रार जवाबी हमलों से अच्छी शुरूआत की। कजाखस्तान की मुक्केबाज ने हालांकि दूसरे दौर में दमदार खेल दिखाया और 38 वर्षीय भारतीय के जबड़े पर सटीक मुक्का लगाने में सफल रही। आखिरी तीन मिनट में मैरीकॉम ने वापसी की लेकिन वह जजों को प्रभावित नहीं कर सकी। सोमवार को गत चैम्पियन अमित पंघल (52 किग्रा), शिव थापा (64 किग्रा) और संजीत (91 किग्रा) पुरूषों के स्वर्ण पदक मुकाबले खेलेंगे। पंघल फाइनल में रियो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज जोइरोव शाखोबिदीन के खिलाफ जबकि असम के मुक्केबाज थापा को एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मंगोलिया के बातरसुख चिनजोरिग से चुनौती मिलेगी।

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दूसरे वरीय संजीत का सामना रियो ओलंपिक के रजत पदक विजेता वासिली लेविट से होगा, जो एशियाई चैंपियनशिप के अपने चौथे स्वर्ण पदक का लक्ष्य लेकर रिंग में उतरेंगे। आठ भारतीय मुक्केबाज सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), जैस्मीन (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (64 किग्रा), मोनिका (48 किग्रा), स्वीटी (81 किग्रा) और वरिंदर सिंह (60 किग्रा) को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। इन सबने देश के लिए कांस्य पदक के साथ पुरस्कार के तौर पर 2,500 डॉलर हासिल किये है।

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