By अनन्या मिश्रा | Jul 31, 2026
उपन्यास और कहानियों के सम्राट मुंशी प्रेमचंद का 31 जुलाई को जन्म हुआ था। उन्होंने कई उपन्यास और कहानियों की रचना की थी। वह एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने अपने आसपास जो देखा, उसको कहानी और उपन्यास में उतारा। आज भी मुंशी प्रेमचंद की कहानियां और उपन्यास हमारे इर्दगिर्द नजर आते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर मुंशी प्रेमचंद के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
प्रेमचंद के जीवन में परेशानी तब शुरू हुई, जब उनके कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। आर्थिक तंगी इतनी थी कि उनको अपना खर्च चलाने के लिए अपना कोट तक बेचना पड़ा था। घर का खर्च चलाने के लिए उन्होंने अपनी पुस्तकें तक बेच दी थी।
कठिन परिस्थितियों में भी प्रेमचंद ने कलम का दामन नहीं छोड़ा। उनको पढ़ने-लिखने का काफी शौक था। वह 10वीं तक पढ़े थे और प्रेमचंद आगे पढ़ाई पूरी करके वकील बनना चाहते थे। लेकिन गरीबी के कारण उनकी पढ़ाई छूट गई। फिर गरीबी के कारण पत्नी भी छोड़कर चली गई। वहीं साल 1905 में प्रेमचंद ने दूसरी शादी कर ली। इसके बाद वह साहित्य सेवा में लग गए।
मुंशी प्रेमचंद ने 5 कहानियों का संग्रह 'सोज़े वतन' लिखा था, जोकि साल 1907 में प्रकाशित हुआ था। यह प्रेमचंद का पहला उर्दू कहानियों का संग्रह था। जिसको उन्होंने 'नवाब राय' के नाम से छपवाया था। उन्होंने करीब 300 कहानियां और करीब आधा दर्जन उपन्यास और एक नाटक भी लिखा। उन्होंने उर्दू और हिंदी दोनों ही भाषाओं में लिखा। मुंशी प्रेमचंद ने अधिकतर मजदूर, नारीवाद, पूंजीवाद, गांधीवाद, किसान, बेमेल विवाह, पत्रकारिता, धार्मिक पाखंड और राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन आदि विषयों पर लिखा।