पूरी शिव चालीसा पढ़ने का नहीं है वक्त? Monday को पढ़ें ये 5 पंक्तियां, पूरी होगी हर Wish

By दिव्यांशी भदौरिया | Jun 01, 2026

हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन जातक भगवान शंकर की विधिवत रुप से पूजा-अर्चना करते हैं। इसके साथ ही अन्न-धन आदि चीजों का दान किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महादेव की साधना करने से साधक के सभी भय से छुटकारा मिल जाता है और जीवन में सुख-शांति बनीं रहती है।

जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥

इस चौपाई में भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया गया है। इसमें उन्हें माता पार्वती के प्रिय पति और दीन-दुखियों पर कृपा बरसाने वाले करुणामय देव के रूप में संबोधित किया गया है। साथ ही उनकी वंदना करते हुए कहा गया है कि वे सदैव धर्मपरायण लोगों, संतों और अपने भक्तों की रक्षा कर उन्हें हर संकट से बचाते हैं।

 कर त्रिशूल डमरू विरजाई। अघ निवारि सन्तन सुखदाई॥

इस पंक्ति में भगवान शिव के दिव्य स्वरूप का गुणगान किया गया है। इसमें बताया गया है कि उनके करकमलों में विराजमान त्रिशूल और डमरू उनकी अलौकिक छवि को और भी भव्य बनाते हैं। साथ ही शिव जी को ऐसे देवता के रूप में स्मरण किया गया है जो अपने भक्तों के पापों का अंत कर उन्हें सुख, शांति और कल्याण का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

देवन नीधि की पुकार जुहारी। आय गरल आप ही पचारी॥

इस पंक्ति में भगवान शिव के महान त्याग और करुणा का वर्णन किया गया है। इसका भावार्थ है कि समुद्र मंथन से उत्पन्न घातक हलाहल विष ने जब पूरे जगत को संकट में डाल दिया, तब देवताओं और समस्त प्राणियों की रक्षा के लिए भगवान शिव ने स्वयं उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। उनके इस बलिदान से सृष्टि विनाश से बच गई और सभी जीवों की रक्षा संभव हो सकी।

पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥

इस पंक्ति का भावार्थ है कि जब भगवान श्रीराम ने रामेश्वरम में भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक उपासना की, तब उन्हें शिवजी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। महादेव की कृपा से श्रीराम ने रावण पर विजय हासिल की और धर्म की स्थापना करते हुए विभीषण को लंका का राजसिंहासन सौंपा। यह प्रसंग भगवान शिव की कृपा और उनके भक्तों के प्रति अनुकंपा को दर्शाता है।

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिए इच्छित वर॥"

इस पंक्ति का अर्थ है कि भगवान शिव अपने भक्तों की अटूट श्रद्धा, समर्पण और कठोर तप से अत्यंत प्रसन्न होते हैं। जब कोई साधक सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, तो महादेव उस पर अपनी कृपा बरसाते हैं और उसकी योग्य इच्छाओं को पूर्ण करते हुए उसे मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।

शिव चालीसा पाठ करने की सरल विधि

 - सोमवार की सुबह जल्दी उठें।

 - शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।

 - इसके बाद दीपक जलाएं और महादेव की आरती करें और शिव चालीसा का पाठ करें।

 - श्रद्धा के साथ ऊपर दी गई पक्तियों का पाठ करें।

 - फल और सफेद मिठाई का भोग भगवान शिव को लगाएं।

 - इसके बाद जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। 

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