By अंकित सिंह | Oct 15, 2026
वकील प्रशांत भूषण ने गुरुवार (15 अक्टूबर) को सरकार बदलने की मांग का बचाव करते हुए कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में सरकार बदलने (regime change) की मांग करना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि खुद BJP ने भी सरकार बदलने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे। दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए भूषण ने कहा कि सत्ता परिवर्तन तो ज़रूर होगा। हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। क्या इसमें कुछ गलत है?
उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन की मांग करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अंग्रेजों द्वारा बनाया गया राजद्रोह कानून असंवैधानिक है। इसलिए, जब तक हिंसा या सार्वजनिक अव्यवस्था को बढ़ावा न दिया जाए, तब तक केवल सरकार के प्रति असंतोष जताना हमारे संविधान के तहत कोई अपराध नहीं है। भूषण ने आगे कहा कि उनकी नजर में, चल रहा आंदोलन सरकार बदलने की एक लड़ाई है।
ये टिप्पणियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आई हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में लगाई गई कड़ी सुरक्षा पाबंदियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों, छात्रों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ अत्यधिक सख्त कार्रवाई की है।