चुनावी हलफनामे में पीके का 'महा-खुलासा'! Prashant Kishor के पास 96 करोड़ की जायदाद, पत्नी निकलीं उनसे भी ज्यादा अमीर!

By रेनू तिवारी | Jul 14, 2026

बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की सियासी सरगर्मी उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गई, जब जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने चुनावी रण में खुद उतरते हुए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान रिटर्निंग ऑफिसर के सामने जमा किए गए हलफनामे (Affidavit) में प्रशांत किशोर ने अपनी कुल संपत्ति का जो ब्यौरा दिया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। हलफनामे के मुताबिक पीके खुद 96 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के मालिक हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उनकी पत्नी जाह्नवी दास अमीरी के मामले में उनसे भी काफी आगे हैं।

उनकी घोषणा के अनुसार:

चल संपत्ति: 22.19 करोड़ रुपये

अचल संपत्ति: 73.87 करोड़ रुपये

हलफनामे में यह भी बताया गया है कि उनके पास 65,570 रुपये नकद हैं।

निजी कंपनी में 100% हिस्सेदारी

हलफनामे से पता चलता है कि प्रशांत किशोर की एक निजी कंपनी में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। घोषणा के अनुसार, कंपनी ने जन सुराज पार्टी को 85 करोड़ रुपये और जन सुराज फाउंडेशन को 50 लाख रुपये का दान दिया।

प्रशांत किशोर की पत्नी की संपत्ति

चुनाव हलफनामे में प्रशांत किशोर की पत्नी की संपत्ति का भी विवरण दिया गया है।

चल संपत्ति: 89.51 करोड़ रुपये

अचल संपत्ति: 12.42 करोड़ रुपये

हलफनामे के अनुसार, उनके पास 1,95,200 रुपये नकद भी हैं।

शैक्षिक योग्यता

हलफनामे में प्रशांत किशोर की शैक्षणिक पृष्ठभूमि का विवरण दिया गया है।

उन्होंने पढ़ाई की:

M.P. से 10वीं कक्षा 1991 में बक्सर के हाई स्कूल से पढ़ाई की।

1993 में पटना साइंस कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई की।

1996 से 1999 के बीच लखनऊ यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ़ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) किया। 

2001 से 2003 के बीच हैदराबाद से मास्टर ऑफ़ हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन (MHA) किया।

हलफ़नामे में यह भी बताया गया है कि 2010 में उन्होंने फ्रांस की क्लेरमोंट-फेरैंड यूनिवर्सिटी से जुड़े संस्थान CAVILAM, विची में फ्रेंच भाषा की पढ़ाई की।

यह जानकारी क्यों ज़रूरी है?

चुनाव हलफ़नामे मतदाताओं को उम्मीदवार की आर्थिक स्थिति, शैक्षणिक योग्यता और दूसरी ज़रूरी कानूनी जानकारियों के बारे में अहम जानकारी देते हैं। चुनाव नियमों के तहत ऐसी घोषणाएँ करना ज़रूरी है और इनका मकसद चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।

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बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव क्यों हो रहा है?

बीजेपी नेता नितिन नवीन के विधानसभा से इस्तीफ़ा देने के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट खाली हो गई थी। नितिन नवीन ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर बांकीपुर सीट बड़े अंतर से जीती थी। हालाँकि, बाद में वे राज्यसभा सदस्य और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और फिर विधायक पद से इस्तीफ़ा दे दिया, जिसके कारण उपचुनाव कराना पड़ा।

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