By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 21, 2024
राजनीतिक रणनीतिकार से कार्यकर्ता बने प्रशांत किशोर ने शनिवार को कहा कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उनके संगठन ‘जन सुराज’ के समर्थन से अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) श्रेणी के कम से कम 75 लोगों को मैदान में उतारा जाएगा। किशोर ने समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर की जयंती से पूर्व इस सिलसिले में यहां आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा , ‘‘2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में ईबीसी से संबंधित कम से कम 75 लोगों को एक ही मंच से मैदान में उतारा जाएगा।’’ किशोर ने जन सुराज के एक राजनीतिक दल में परिवर्तन के संबंध में हालांकि कोई घोषणा नहीं की लेकिन कहा ,‘‘2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार आप ईबीसी वर्ग के कम से कम 75 लोगों को एक मंच से चुनाव लड़ते देखेंगे।
इस सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार बिहार की कुल जनसंख्या 13,07,25,310 में से 63 प्रतिशत लोग अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) श्रेणी से हैं। सर्वेक्षण के आंकड़ों से पता चला कि राज्य की आबादी में अनुसूचित जाति की आबादी 19 प्रतिशत से अधिक है जबकि एक प्रतिशत लोग अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आते हैं। सर्वेक्षण से पता चला कि ओबीसी में यादव जनसंख्या के मामले में सबसे बड़ी जाति है जो कुल आबादी का 14.27 प्रतिशत है। इसके बाद दुसाध (5.31 प्रतिशत) और चमार (5.25 प्रतिशत) हैं। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समुदाय से हैं। केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान दुसाध (दलित) जाति से हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि कुर्मियों की कुल संख्या कुल जनसंख्या का 2.87 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसी जाति से आते हैं।