Home Ministry: जेलों में जातीय भेदभाव रोकने की तैयारी, गृह मंत्रालय ने मॉडल जेल मैनुअल के नियमों में किया संशोधन

By अभिनय आकाश | Jan 02, 2025

गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की जेलों के भीतर जाति-आधारित भेदभाव को संबोधित करने और 'आदतन अपराधी' की मौजूदा परिभाषा को बदलने के लिए मॉडल जेल मैनुअल, 2016 और मॉडल जेल और सुधार सेवा अधिनियम, 2023 में संशोधन किया। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को परिवर्तनों पर ध्यान देने और सभी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। यह कदम 2023 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 1404, सुकन्या शांता बनाम भारत संघ और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के 3 अक्टूबर, 2024 के ऐतिहासिक फैसले के बाद उठाया गया।

इसे भी पढ़ें: अमित शाह के इस एक फैसले से गदगद हुईं प्रियंका गांधी, ट्वीट कर कह दी इतनी बड़ी बात

मॉडल कारागार और सुधार सेवा अधिनियम, 2023 के 'विविध' में धारा 55 (ए) के रूप में एक नए शीर्षक 'जेलों और सुधार संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव का निषेध' के साथ भी बदलाव किए गए हैं। गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि 'मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में रोजगार का निषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013' के प्रावधानों का जेलों और सुधार संस्थानों में भी बाध्यकारी प्रभाव होगा।

प्रमुख खबरें

Russian Army में शामिल Surat के रमणीक सखवाला 4 महीने से लापता, परिवार परेशान

Cabinet ने Fast Track Special Courts योजना 5 साल बढ़ाई, PM Modi बोले- त्वरित न्याय मिलेगा

UP में अब कालीन नहीं बिछाएगा ‘अब्दुल’, नेता बनेगा: AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi

ओडिशा के Koraput में दिखा Royal Bengal Tiger, वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट