बिहार में 'श्री अन्न' क्रांति की तैयारी, ICRISAT के साथ किसानों की आय बढ़ाएगी सरकार

By प्रेस विज्ञप्ति | Aug 11, 2026

माननीय कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आज बिहार में कृषि क्षेत्र को नई तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार से जोड़ने के लिये प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल, कृषि निदेशक श्री मुकेश कुमार लाल एवं  निदेशक, उद्यान-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य बागवानी मिशन/बिहार फल एवं सब्जी विकास निगम श्री अभिषेक कुमार के साथ हैदराबाद के पटनचेरु स्थित अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) का भ्रमण किया। 

माननीय मंत्री ने कहा कि बिहार में कृषि की नई संभावनाओं को किसानों की समृद्धि से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आधुनिक अनुसंधान, उन्नत तकनीक और वैज्ञानिक शोध को खेतों तक पहुंचाकर कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के साथ किसानों की आय और आजीविका को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ICRISAT जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ तकनीकी एवं वैज्ञानिक सहयोग बिहार में कृषि के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा ।

माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार में श्री अन्न (मिलेट्स) का उत्पादन हो रहा है, लेकिन किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य तभी मिल सकेगा, जब मिलेट्स के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध हो, मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा मिले तथा उत्पाद को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए प्रभावी बाजार व्यवस्था विकसित की जाए। 

माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मिलेट्स वैल्यू चेन परियोजना के अंतर्गत हुई प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि किसानों के बीच श्री अन्न (मिलेट्स) के लाभों के संबंध में व्यापक जागरूकता आवश्यक है। किसानों को पारंपरिक फसल प्रणालियों की तुलना में मिलेट्स के पोषण एवं कृषि संबंधी लाभों की जानकारी उपलब्ध कराकर इसके उत्पादन एवं उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि बिहार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मिलेट्स वैल्यू चेन को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में पूर्वी भारत और पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाया जाएगा। इस कार्य के सफल क्रियान्वयन में ICRISAT का तकनीकी एवं वैज्ञानिक सहयोग महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार सरकार एवं ICRISAT के बीच सहयोग से मिलेट्स के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय एवं आजीविका को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

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माननीय कृषि मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान  में क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बिहार के प्रशिक्षु किसानों से भी संवाद किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण के अनुभव एवं प्राप्त तकनीकी जानकारी के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों एवं वैज्ञानिक ज्ञान के हस्तांतरण के महत्व पर बल दिया।

माननीय कृषि मंत्री के नेतृत्व में बिहार के प्रतिनिधिमंडल ने ICRISAT मे स्थित रीजनरेटिव एग्रीकल्चर लिविंग लैबोरेटरी, स्पीड ब्रीडिंग फैसिलिटी, जीनबैंक, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन जीनोमिक्स तथा एग्रीबिजनेस इनोवेशन प्लेटफॉर्म (AIP) एवं विभिन्न अनुसंधान सुविधाओं एवं नवाचार केंद्रों का भ्रमण किया और उन्नत फसल प्रजनन, जीन संसाधन संरक्षण, आधुनिक कृषि पद्धतियों, जलवायु अनुकूल कृषि, कृषि जैव प्रौद्योगिकी तथा कृषि उद्यमिता के क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधान एवं नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।

ICRISAT के उप महानिदेशक (अनुसंधान एवं नवाचार) डॉ. स्टैनफोर्ड ब्लेड ने प्रतिनिधिमंडल को संस्थान के वैश्विक अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों तथा विज्ञान-आधारित कृषि नवाचारों के माध्यम से खाद्य, पोषण एवं आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर ICRISAT के सहायक महानिदेशक श्री संजय अग्रवाल, ग्लोबल रिसर्च प्रोग्राम के निदेशक डॉ. रमन बाबू एवं डॉ. रमेश सिंह तथा तेलंगाना कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक श्री एन. पी. श्रवण कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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