By अभिनय आकाश | Oct 16, 2026
यमन के दक्षिणी शहर अदन में अल-माशीक राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाकर किए गए एक हूथी हमले में 5 लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हो गए। यह घटना हूथी आंदोलन और सरकारी बलों के बीच बढ़ती शत्रुता के बीच हुई है। यमन के स्वास्थ्य मंत्री कासिम मोहम्मद बुहैबेह के हवाले से यह जानकारी दी गई है। गुरुवार को एक्स पर एक पोस्ट में हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सरी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा कि अदन में सऊदी दुश्मन के युद्ध संचालन मुख्यालय पर बमबारी, सऊदी सेना की गतिविधियों को कहीं भी निशाना बनाने की हमारी घोषित नीति का हिस्सा है। इसके तहत, सऊदी दुश्मन की किसी भी सैन्य मौजूदगी को चाहे वह कहीं भी हो हमारी सेना के लिए एक वैध लक्ष्य माना जाएगा। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी ने इस हमले को यमन और सऊदी अरब में हवाई अड्डों और तेल सुविधाओं पर हुए हमलों का ही एक विस्तार बताया है।
इसके अलावा, मारिब गवर्नरेट मीडिया कार्यालय ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि गुरुवार शाम को हूतियों ने मारिब शहर पर नौ बैलिस्टिक मिसाइलें और सात अन्य प्रोजेक्टाइल दागे। कार्यालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि यह "अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों का खुला उल्लंघन है, जो नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले को प्रतिबंधित करते हैं"। उन्होंने चेतावनी दी कि "आबादी वाले इलाकों पर लगातार मिसाइल हमले" एक "खतरनाक स्थिति पैदा करते हैं, जिससे नागरिकों की जान और सुरक्षा को खतरा है"। साथ ही, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र, और मानवीय व मानवाधिकार संगठनों से आग्रह किया कि वे "नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएं"।