India-Iran relations | पश्चिम एशिया में महा-संकट के बीच पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात, शांति, सुरक्षा और निर्बाध आपूर्ति पर दिया जोर

By रेनू तिवारी | Mar 13, 2026

पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार रात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से टेलीफोन पर विस्तृत चर्चा की। इस वार्ता का मुख्य केंद्र क्षेत्र की "गंभीर स्थिति", नागरिक सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाला प्रभाव रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) के माध्यम से जानकारी दी कि उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव, निर्दोष नागरिकों की जान जाने और असैन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

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प्रधानमंत्री ने शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और संकट को समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति का आग्रह किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया और क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने संपर्क में रहने पर सहमति जताई। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिसके माध्यम से भारत के ऊर्जा आयात का एक बड़ा हिस्सा आता है। दो दिन पहले, भारत आ रहे एक तेल टैंकर पर ईरानी सेना ने उस समय गोलीबारी की जब वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहा था। पिछले महीने अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए समन्वित हमले के बाद प्रधानमंत्री ने पिछले 10 दिनों में कई पश्चिम एशियाई देशों के नेताओं से बात की है।

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अमेरिका और इज़राइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया, जिनमें दुबई और दोहा जैसे वैश्विक व्यापार और विमानन केंद्र भी शामिल हैं। इससे पहले मोदी ने ओमान, कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जॉर्डन, इज़राइल और कतर के नेताओं से बात की और उनके देशों पर हुए हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कुछ देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की। उन्होंने इन देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के कल्याण और सुरक्षा पर भी चर्चा की। खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं। इनमें से लगभग 10,000 भारतीय नागरिक ईरान में रहते हैं, जबकि 40,000 से अधिक इज़राइल में रहते हैं।

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