By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 20, 2026
(फाइल फोटो के साथ) बेंगलुरु, 20 अक्टूबर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से कहा कि वह 25 अक्टूबर को प्रस्तावित अपने ‘विजयादशमी पथ संचलन’ के लिए अधिकृत प्रशासन से औपचारिक अनुमति ले क्योंकि गृह विभाग को केवल सूचित करना या सहयोग मांगना, अनुमति लेने के बराबर नहीं है। प्रियांक खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि इन पथ संचलन के सिलसिले में पुलिस को कर्मियों की तैनाती, परिवहन, भोजन, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय चाहिए क्योंकि ऐसे मार्च में सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा, ‘‘गृह विभाग को केवल सूचित करना, या उनसे सहयोग करने या आवश्यक इंतजाम करने के लिए कहना, अनुमति लेने के बराबर नहीं है।’’ प्रियांक खरगे ने आरएसएस से अपील की है कि वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन जमा करे और औपचारिक मंजूरी का इंतजार करे।
प्रियांक खरगे का आरोप है कि आरएसएस एक अपंजीकृत संगठन है, जिसका मतलब है कि यह भारत में गैर-कानूनी तरीके से काम कर रहा है। उन्होंने इसके आय और व्यय का विवरण भी मांगा था। आरएसएस का कहना है कि भारत में कई चीजें बिना पंजीकरण के होती हैं और हर चीज का पंजीकरण होना जरूरी नहीं है।