By अंकित सिंह | Sep 24, 2026
वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार पर 'अनुचित' चुनाव कराने के लिए 'देशद्रोह' का आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जो कोई भी चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ करता है, वह देश के खिलाफ देशद्रोह करता है; साथ ही, वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ करना और 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाना लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ एक आपराधिक कृत्य है।
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखल देने की कोई भी कोशिश संविधान और देश के ख़िलाफ़ एक गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि मेरा जवाब बिल्कुल साफ़ है। जो कोई भी हमारे चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करता है, वह देश के साथ गद्दारी कर रहा है। हमारा रुख़ बिल्कुल साफ़ है। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि अगर गैर-कानूनी काम साबित हो जाते हैं, तो CEC को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा का क्या होगा। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि उस पद पर बैठे किसी व्यक्ति को—यानी मुख्य चुनाव आयुक्त को—तब भी कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए, जब उन्होंने गैर-कानूनी काम किए हों।
इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ करना और बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाना एक गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ करना, 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाना... लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ एक आपराधिक काम है। प्रियंका गांधी ने आगे आरोप लगाया कि अगर CEC को गड़बड़ियों के बारे में पता था, या साथी आयुक्तों ने उन्हें इसकी जानकारी दी थी और फिर भी उन्होंने इसे जारी रहने दिया, तो उन पर आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए। प्रियंका गांधी का यह बयान 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद मचे राजनीतिक विवाद के बीच आया है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान वोटर लिस्ट की प्रक्रियाओं और SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।