By अंकित सिंह | Apr 16, 2026
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर बोलते हुए इसका समर्थन किया, लेकिन केंद्र सरकार के इरादे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण का दृढ़ता से समर्थन करती है और इस मुद्दे पर उसके रुख को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। लोकसभा में सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए प्रियंका ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जिस तरह की राजनीतिक चालाकी दिखाई जा रही है, उसे देखकर चाणक्य भी आज जीवित होते तो आश्चर्यचकित रह जाते।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक दावों से परे है और विधेयक के पीछे की मंशा पर सवाल उठाया। प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने का आग्रह किया था। उन्होंने यह भी बताया कि सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में पहले भी प्रयास किए गए थे, जब 2010 में विधेयक पारित हुआ था, लेकिन लोकसभा में पारित नहीं हो सका था। प्रियंका ने गृह मंत्री अमित शाह पर राजनीतिक कुटिलता का आरोप भी लगाया और तंज कसते हुए कहा कि यदि आज चाणक्य जिंदा होते तो आपकी कुटिलता से चौंक जाते। उनका कहना था कि सच्चाई यह है कि लोकसभा में हो रही चर्चा महिला आरक्षण विधेयक पर ही नहीं है, बल्कि परिसीमन पर भी है।
उन्होंने कहा कि 2010 में, दिवंगत प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में, कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का एक बार फिर प्रयास किया। यह राज्यसभा में पारित भी हो गया, लेकिन लोकसभा में इस पर सहमति नहीं बन पाई। 2018 में, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा कि महिलाओं के लिए यह आरक्षण 2019 तक लागू किया जाना चाहिए। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री यहां राहुल गांधी का मजाक उड़ा सकते हैं, लेकिन घर लौटने पर वे अपने शब्दों पर विचार करेंगे।
प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में विरोध की बात तो कही, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वास्तव में विरोध किसने किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने विरोध की बात तो कही, लेकिन यह नहीं बताया कि विरोध किसने किया। असल में, विरोध तो आपने, भाजपा ने किया था। कुछ साल बाद, पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व में, कांग्रेस सरकार ने संसद में इस कानून को पारित किया और लागू किया।