By अभिनय आकाश | Aug 25, 2026
पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अदालत की अवमानना की याचिका फिर से दाखिल की। पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने खान को इलाज के लिए इस्लामाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने के अदालत के 18 अगस्त के आदेश का उल्लंघन किया है। यह कदम तब उठाया गया जब कुछ आपत्तियों के साथ याचिका को वापस कर दिया गया था। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने यह याचिका 73 वर्षीय PTI संस्थापक की बहन उज़्मा खान के ज़रिए दाखिल की। उन्होंने आरोप लगाया कि 20-21 अगस्त की रात को खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने के बजाय सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया, जहाँ उनकी आँखों का एक प्रोसीजर और अन्य जाँचें की गईं। इसके बाद उन्हें वापस अदियाला जेल भेज दिया गया, जबकि अदालत का निर्देश था कि 16 सितंबर को अगली सुनवाई तक उन्हें इस्लामाबाद के अस्पताल में ही भर्ती रखा जाए।
इसमें कहा गया, प्रतिवादियों के अपने बयानों से यह साफ़ है कि 18 अगस्त के आदेश में दिए गए कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन किया गया था। इसमें आगे कहा गया कि खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल न ले जाने से इसमें कोई शक नहीं रह जाता कि प्रतिवादियों ने जानबूझकर आदेश की अनदेखी और उल्लंघन किया है। साथ ही यह भी कहा गया कि उनके इस व्यवहार से सुप्रीम कोर्ट के अधिकार को कमज़ोर किया गया है और कोर्ट को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।