लोक-मंगल है भारतीय संचार परंपरा का आधार: प्रो. संजय द्विवेदी

By प्रेस विज्ञप्ति | Feb 10, 2026

भोपाल। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी कहना है कि भारतीय संचार दृष्टि केवल सूचना के प्रसार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज में नैतिकता, संवेदनशीलता और लोकमंगल की भावना को सशक्त करती है। वैश्विक और डिजिटल संचार के वर्तमान दौर में भारतीय संचार परंपरा का पुनर्पाठ अत्यंत प्रासंगिक है। लोक-मंगल और लोकरंजन ही इसका उद्देश्य है।

अपने व्याख्यान में प्रो.द्विवेदी ने कहा कि  भारत की परंपरागत ज्ञान प्रणाली संवाद, लोकबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित रही है। उन्होंने वेद, उपनिषद, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक आख्यानों में निहित संचार तत्वों को रेखांकित करते हुए बताया कि भारतीय संचार परंपरा आधुनिक मीडिया और जनसंचार के लिए भी वैचारिक आधार प्रदान करती है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने भारतीय संचार परंपरा और समकालीन मीडिया से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछे।

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