By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 15, 2026
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि यह फैसला आम आदमी की कमर तोड़ देगा और इसकी मार किसानों पर भी पड़ेगी। पंजाब के वित्त मंत्री और ‘आप’ के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस कदम से भाजपा का ‘‘किसान-विरोधी और जनविरोधी चेहरा’’ बेनकाब हो गया है।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘तो यही था उस नाटक के पीछे का असली खेल?’’ वडिंग ने लिखा, ‘‘किसानों, ट्रक ऑपरेटर और मध्यम वर्गीय परिवार को ज्यादा मार झेलनी पड़ेगी। जरूरत की हर चीज फिर महंगी होगी। सच्चाई साफ है- भाजपा महंगाई घटाती नहीं, बस सुर्खियां बनाती है। ‘अबकी बार, पेट्रोल सौ के पार’।’’ पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच मोदी ने हाल में पेट्रोल-डीजल के विवेकपूर्ण इस्तेमाल, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का अधिक उपयोग करने, ‘कार पूलिंग’ अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने, पार्सल ढुलाई के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और घर से काम करने का सुझाव दिया था।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम में तीन-तीन रुपये और सीएनजी में दो रुपये की एक साथ बढ़ोतरी पहले से ही महंगाई से जूझ रहे आम आदमी की कमरतोड़ देगी। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘किसानों को भी इस बढ़ोतरी की मार झेलनी पड़ेगी और एमएसपी में 72 रुपये प्रति क्विंटल की मामूली वृद्धि से उन्हें कोई राहत नहीं मिलने वाली। व्यापार और उद्योग जगत को भी भारी नुकसान होगा।’’
बादल ने केंद्र सरकार से महंगाई से निपटने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने और किसानों, व्यापारियों तथा आम जनता की आमदनी बढ़ाने के लिए उपायों की घोषणा करने की अपील की। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शुक्रवार को तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। यह पिछले चार वर्षों में पेट्रोल-डीजल के दाम में पहली वृद्धि है। कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों के कारण तेल विपणन कंपनियों के घाटे बढ़ने के बीच यह वृद्धि की गई है।