By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 21, 2026
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बुधवार को कहा कि पंजाब पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ निर्णायक प्रहार किया है। उन्होंने बताया कि 16 मार्च 2022 से राज्य में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत अब तक 95,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 1.27 लाख से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं और 7,260 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की गई है।
उन्होंने पुलिस स्मृति दिवस समारोह से इतर संवाददाताओं से कहा कि अप्रैल 2022 से चलाए जा रहे अभियानों के जरिए 1,288 संगठित आपराधिक गिरोहों को खत्म किया गया है और 3,300 से अधिक गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। समारोह में कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। यह कार्यक्रम जालंधर में पंजाब सशस्त्र पुलिस (पीएपी) मुख्यालय में आयोजित किया गया था।
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस 1959 में आज ही के दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों की ओर से घात लगाकर किए गए हमले में जान गंवाने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवानों की याद में मनाया जाता है। ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ (नशे के खिलाफ युद्ध) अभियान के तहत नयी रणनीतिक रूपरेखा पेश करते हुए डीजीपी ने बताया कि अब यह अभियान 60 दिनों के एक गहन ‘मिशन’ में बदल गया है। इसके अंतर्गत नशीले पदार्थों से जुड़े सभी चिह्नित ‘हॉटस्पॉट’ पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और नागरिक प्रशासन के राजपत्रित अधिकारी चौबीसों घंटे संयुक्त रूप से निगरानी कर रहे हैं।
डीजीपी ने कहा कि भविष्य की रणनीतियों में मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने, ‘हॉटस्पॉट’ पर कार्रवाई करने, 1,600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करने और साइबर सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। इन उपायों का उद्देश्य राज्य भर में आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना है।