Yes Milord! SC ने दिया यात्री के सामान से जु़ड़ा बड़ा फैसला, HC ने फेसबुक को बंद कराने की बात क्यों कही? TV डिबेट व सोशल मीडिया पर कोर्ट सख्त, जानें इस हफ्ते कोर्ट में क्या कुछ हुआ

By अभिनय आकाश | Jun 16, 2023

सुप्रीम कोर्ट से लेकर लोअर कोर्ट तक के वीकली राउंड अप में इस सप्ताह कानूनी खबरों के लिहाज से काफी उथल-पुथल वाला रहा है। जहां कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चेतावनी दी है। वहीं ट्रेन यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। यूनिटेक के प्रमोटर की पत्नी प्रीति चंद्रा की जमानत पर सुप्रीम रोक लगा दी है। पुरोला में महापंचायत को लेकर टीवी डिबेट और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर उत्तराखंड हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। ऐसे में आज आपको सुप्रीम कोर्ट से लेकर लोअर कोर्ट तक इस सप्ताह यानी 12 जून से 16 जून 2023 तक क्या कुछ हुआ। कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट और टिप्पणियों का विकली राउंड अप आपके सामने लेकर आए हैं। कुल मिलाकर कहें तो आपको इस सप्ताह होने वाले भारत के विभिन्न न्यायालयों की मुख्य खबरों के बारे में बताएंगे।

इसे भी पढ़ें: West Bengal Panchayat Election: पंचायत चुनाव के दौरान होगी केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती, कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश

सफर के दौरान सामान चोरी हुआ तो…

ट्रेन से सफर करते वक्त अगर आपके कीमती गहने, सामान चोरी हो जाए तो क्या करें? रेलवे स्टेशन पर शिकायत की जाती है। वो सामान बाद में मिले तो ठीक, नहीं तो नुकसान हो जाता है। लेकिन, हाल ही में एक मामले में ट्रेन यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रेन की यात्रा करते समय अगर यात्री का पैसा चोरी हो जाता है तो इसे रेलवे की सेवाओं में कमी के तौर पर नहीं माना जा सकता है। ये कहते हुए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जिला राज्या और राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम के फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें रेलवे को एक लाख रुपये का भुगतान करने को कहा गया था। पूरा मामला अप्रैल 2005 का है। 

यूनिटेक के प्रमोटर की पत्नी प्रीति चंद्रा की जमानत पर सुप्रीम रोक

सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक याचिका पर यूनिटेक के पूर्व प्रमोटर संजय चंद्रा की पत्नी प्रीति चंद्रा को नोटिस जारी किया। याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा प्रीति चंद्रा को दी गई जमानत को चुनौती देती है। न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने प्रीति चंद्रा को जमानत देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के कार्यान्वयन को अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। 

इसे भी पढ़ें: 2002 Gujarat riots: तीस्ता का प्रोपेगेंडा, कांग्रेस का एजेंडा, अहमद पटेल ने दिए थे 30 लाख, HC से गुजरात सरकार ने क्या कहा?

पुरोला: टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर रोक

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने पुरोला में महापंचायत को लेकर टीवी डिबेट और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। आपत्तिजनक नारों पर भी रोक लगाई है। कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज है, पुलिस उनकी जांच करे और तीन हफ्ते में जवाब दिया जाए। उधर, महापंचायत को रोकने के लिए लगाई गई धारा 144 के विरोध में  पुरोला और आसपास के कस्बों में बाजार बंद रहे। कोर्ट ने ये भी कहा कि इस तरह के मामलों में कोई टीवी डिबेट नहीं होगी और न ही इंटरनेट मीडिया का उपयोग किया जाएगा। आपत्तिजनक नारों पर भी रोक लगाई है। कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज है, पुलिस उसकी जांच करे और राज्य सरकार को इस मामले में तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। 

पशु बलि प्रतिबंध मामले पर हाई कोर्ट ने क्या कहा

बंबई हाई कोर्ट ने कोल्हापुर में विशालगढ़ किले के संरक्षित क्षेत्र में पशु बलि की पुरानी प्रथा पर हाल में लगे प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह कहीं भी पशुओं के वध की अनुमति नहीं देगा क्योंकि स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार से भी मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। हजरत पीर मलिक रेहान मीरा साहेब दरगाह ट्रस्ट की ओर से दायर याचिका ने इस साल एक फरवरी को मुंबई के पुरातत्व व संग्रहालय उप निदेशक द्वारा जारी किए गए निर्देश को चुनौती दी है, जिसके तहत देवताओं को बलि चढ़ाने के नाम पर पशुओं का वध किए जाने पर रोक लगाई गई है। निर्देश में 1998 के उच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला दिया गया, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर देवी-देवताओं के नाम पर पशुओं की बलि देने पर प्रतिबंध लगाया गया था।

जांच में मदद नहीं तो फेसबुक बंद करेंगे

कर्नाटक हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म फेसबुक को चेतावनी दी कि अगर वह पुलिस की मदद नहीं कर पा रहा है, तो उसकी सर्विस को पूरे भारत में बंद करने का आदेश दिया जा सकता है। बताया गया है कि कोर्ट की यह टिप्पणी सऊदी अरब में कैद एक भारतीय से जुड़े केस की जांच को लेकर आई है। बेंच ने फेसबुक को निर्देश दिया, 'जरूरी जानकारी के साथ पूरी रिपोर्ट कोर्ट के सामने एक हफ्ते में पेश की जानी चाहिए। अदालत ने यह भी मांग की कि केंद्र सरकार सऊदी में एक भारतीय नागरिक की अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी के संबंध में अब तक की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी प्रदान करे। तो इस हफ्ते के लिए इतना ही। मिलते हैं अगले हफ्ते कानूनी दुनिया से जुड़ी खबरों के साथ यस माय लार्ड के अगले एपिसोड में। तब तक के लिए दें इजाजत। 


All the updates here:

प्रमुख खबरें

Winter Olympics में Remembrance Helmet पर बवाल, यूक्रेनी एथलीट Heraskevych अयोग्य घोषित

Premier League title की रेस में पिछड़ेगा Arsenal? Peter Crouch ने Arteta की रणनीति पर उठाए सवाल

US-Taiwan trade deal अंतिम रूप में, 15% टैरिफ और अरबों डॉलर निवेश का रास्ता साफ

Silver Price में भारी गिरावट से निवेशक बेचैन, MCX पर अब खरीदें, बेचें या करें इंतजार?