By अभिनय आकाश | Jun 05, 2026
समंदर में रूस का वो सुपर पावर जिसने यूरोप में नाटो से लेकर अमेरिका तक की सेनाओं की नींद उड़ा दी है। समंदर में इसका 30 साल बाद उतरना रूस के दुश्मनों के लिए किसी खौफनाक खबर से कम नहीं। यह ऐसा महादानव है जो अकेले ही किसी भी देश के पूरे नौसैनिक बेड़े को तबाह कर सकता है। समंदर का यह सुल्तान इतना खतरनाक है कि इसके सामने आने के बाद दुश्मन देश के जहाजों को संभलने या भागने के लिए सिर्फ एक सेकंड का वक्त मिलेगा और फिर सब कुछ खाक हो जाएगा। 30 साल बाद रूस का महादानव सी ट्रायल में उतरा। सोवियत संघ के जमाने का यह दैत्य पिछले 30 सालों से अपग्रेड होने के लिए रुका था। लेकिन अगस्त 2025 में इसने पहली बार अपनी खुद की ताकत से समंदर की लहरों को चीरना शुरू किया और अब 2026 में यह अपनी अंतिम परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
जहाज को इस तरह अपग्रेड किया गया है कि आज की तारीख में दुनिया का सबसे ताकतवर कॉम्बैट शिप बन चुका है। हालांकि रूस के लिए इस दैत्य को जिंदा करना आसान नहीं था। यूक्रेन के साथ जारी भीषण युद्ध के कारण लगे प्रतिबंधों और भारी बजट संकट की वजह से रूस को इसके जुड़वा जहाज पियोत्र वेलिकी को समय से पहले रिटायर करना पड़ा। क्योंकि दोनों जहाजों को मेंटेन रखना रूस की इकॉनमी पर भारी पड़ रहा था। सोवियत संघ के टूटने के बाद से रूस से कोई नया बड़ा जहाज नहीं बनाया। इसलिए अपनी धाग जमाए रखने के लिए उसने अपनी पूरी ताकत एडमिरल नाखिमो को चमकाने में झोंक दी। दरअसल अमेरिका और नाटो देश लगातार आर्कटिक क्षेत्र में रूस के व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।