China को छोड़ पुतिन ने भारत को चुना पहला पार्टनर देश, हिला अमेरिका!

By अभिनय आकाश | Aug 18, 2026

आज जब पूरी दुनिया एक तरफ खड़ी है और रूस दूसरी तरफ खड़ा है तब भारत ने जो किया उसने पूरी दुनिया की कूटनीति के सिद्धांतों को हिला कर रख दिया। अमेरिका ने प्रतिबंधों का जाल बिछाया। यूरोप ने आंखें दिखाई और डॉलर को हथियार बनाया गया ताकि रुपए को दुनिया के नक्शे से आर्थिक रूप से मिटाया जा सके। लेकिन मॉस्को से जो खबर आई है वह केवल एक व्यापारिक खबर नहीं होने वाली है। वह भारत की संप्रभुता का विजय घोष है। रूस ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है साल 2026 के रशियन एनर्जी वीक यानी आरईडब्ल्यू में कि भारत पहला आधिकारिक भागीदार देश बन गया है उसका। यह दर्जा आज तक किसी को नहीं मिला। चीन को भी नहीं मिला है। दरअसल मॉस्को का मोनेज सेंट्रल एग्बिशन हॉल पूरी दुनिया के लिए शक्ति का केंद्र बन चुका है। 100 देशों के 7000 डेलीगेट्स वहां मौजूद थे। लेकिन सबकी निगाहें केवल एक तिरंगे पर होगी। रूसी सरकार के बयान के अनुसार भारत इस फोरम का स्टार पार्टनर है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री यानी कि एफआईपीआई की अगुवाई में भारत की आठ सबसे बड़ी महारत्न और नवरत्न कंपनियां वहां भारत का झंडा गाड़ रही हैं। 

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भारत ने ना केवल सस्ता तेल खरीदा बल्कि उसे रिफाइन करके यूरोप तक पहुंचा दिया। और आज हमारा दोस्त पेट्रोल जब मांगता है रूस तो भारत फटाक से दे देता है। यानी जिस रूस पर बैन लगे प्रतिबंध लगे थे उसी का तेल घूमकर यूरोप गया, रूस गया और इसमें भारत ने मिडिल मैन बनकर अरबों की कमाई भी की। यह कूटनीति का वो मास्टर स्ट्रोक था जिसे हावर्ड और ऑक्सफोर्ड में पढ़ाया जरूर जाएगा।

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