By अभिनय आकाश | Jan 18, 2026
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसमें इजराइल, रूस और पूरी दुनिया की नजरें टिक गई हैं। और इसी बीच एक ऐसा बड़ा घटनाक्रम सामने आया जिसने इस पूरे संकट को नया मोड़ दे दिया। इस वक्त की सबसे बड़ी खबर यह है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने कूटनीतिक मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया। पुतिन ने पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन ने तन्याहू से फोन पर बातचीत की। इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति को कॉल किया। यह सिर्फ दो फोन कॉल नहीं बल्कि मिडिल ईस्ट की राजनीति में एक संभावित गेम चेंजर माने जा रहे हैं। बीते कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त बयानबाजी। दूसरी तरफ ईरान की खुली चेतावनी और बीच में इजराइल जो ईरान को अपने अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है।
नेतन्या से बातचीत के बाद पुतिन ने सीधे ईरान के राष्ट्रपति को फोन घुमाया। इस बातचीत में ईरान में फैली अशांति, अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध खतरों पर गंभीर चर्चा हुई। यह पहली बार नहीं है जब रूस ने ईरान से संपर्क किया हो। लेकिन इस टाइमिंग ने इसे बेहद अहम बना दिया। राजनीतिक एक्सपर्टों का मानना है कि पहले नितन्याहू और फिर ईरान के राष्ट्रपति से बात करना इस बात का संकेत है कि पुतिन दोनों पक्षों के बीच पुल बनाना चाहते हैं। रूस का संदेश बिल्कुल साफ है। युद्ध नहीं बातचीत करो। इस पूरे संकट का असर भारत पर भी पड़ सकता है। ईरान में फंसे भारतीय नागरिक धीरे-धीरे लौट रहे हैं। लेकिन क्षेत्रीय अस्थिरता और तेल आपूर्ति और व्यापार को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड़ पर है और यही वजह है कि अब भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा रहा है।