By अभिनय आकाश | Nov 08, 2025
भारत को नए साल से पहले ही बहुत बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। खबर यह है कि पुतिन आएंगे दिसंबर में जब भारत तो फिफ्थ जनरेशन स्टल्थ फाइटर जेटोई 57 को लेकर मोदी इस डील पर मोहर लगा सकते हैं। और सबसे अहम यह है कि ये डील भारत की कंडीशंस पर होगी। भारत के टर्म्स पर होगी। भारत जैसा चाहता है उन शर्तों पर पुतिन यह डील करने के लिए तैयार हैं। दरअसल रूस की एक टेक्निकल टीम ने एचएल यानी कि हिंदुस्तान एयरनॉटिक्स लिमिटेड को एक रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कहा गया कि प्लांट में सुखोई 57 लड़ाकू विमान के प्रोडक्शन की पूरी कैपेसिटी है और रूस ने भारत को सुखोई 57 स्टेल फाइटर जेट के 100% टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ सोर्स कोड सौंपने का भी ऑफर दे दिया है।
रूसी तकनीकी टीम ने सितंबर में एचएएल की प्रमुख उत्पादन सुविधाओं का दौरा किया था ताकि सुखोई-57ई संस्करण के स्वदेशी उत्पादन के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे, विनिर्माण क्षमताओं और तकनीकी तत्परता का मौके पर ही आकलन किया जा सके। एचएएल के पास सुखोई विमान बनाने की तकनीक पहले से ही मौजूद है, क्योंकि भारत द्वारा सुखोई-30एमकेआई के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन के लिए अंतर-सरकारी समझौते पर दिसंबर 2000 में हस्ताक्षर किए गए थे।
सूत्रों के मुताबिक एचएल अब एक विस्तृत आंतरिक रिपोर्ट तैयार कर रही है जिसमें आकलन किया जा रहा है कि एसयू 57ई यानी सुई 57 के पूर्ण पैमाने पर उत्पादन के लिए किन क्षेत्रों में निवेश की जरूरत होगी। इसमें एडवांस कंपोजिट सामग्रियों के निर्माण, रेडार, अब्सॉर्बिंग कोटिंग्स, डिजिटल डिजाइन और सिमुलेशन तकनीकी के साथ अगली पीढ़ी के इंजन के टेस्ट के लिए टेस्ट बेड बनाने में निवेश को यहां पर प्रायोरिटी दी गई है। साथ ही एचएल मानव संसाधन सप्लाई चेन डेवलपमेंट और अनुसंधान समेत तमाम पहलों को लेकर एक रिपोर्ट तैयार कर रहा है।