By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 24, 2026
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने शनिवार को फ्रेंच ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जापान की हिना अकेची पर रोकांचक जीत दर्ज की। भारतीय स्टार ने अकेची को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 21-10, 20-22, 21-16 से हराकर इस साल दूसरी बार सुपर 750 टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। सिंधू ने यह मुकाबला एक घंटे 13 मिनट में अपने नाम किया।
सिंधू के सामने फाइनल में दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर एक आन से यंग की चुनौती होगी। शुरुआती गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। स्कोर 4-4 और फिर 8-8 की बराबरी पर पहुंचा।
इसके बाद सिंधू ने लय हासिल करते हुए ब्रेक तक 11-9 की बढ़त बना ली। ब्रेक के बाद भारतीय खिलाड़ी ने पूरी तरह दबदबा कायम करते हुए अंतिम 12 में से 11 अंक जीतकर महज 18 मिनट में पहला गेम 21-10 से अपने नाम कर लिया। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू को दूसरे गेम में शुरुआत में चार अंकों से पिछड़ रही थी लेकिन उन्होंने खेल की रफ्तार बढ़ाकर स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया।
दोनों खिलाड़ियों के बीच 10-10 तक कड़ा मुकाबला चला, जिसके बाद अकेची ने बढ़त बनानी शुरू कर दी। विश्व रैंकिंग में 11वें स्थान पर मौजूद सिंधू ने हार नहीं मानी और क्रॉस-कोर्ट स्मैश तथा चतुराई भरे रिटर्न से उन्होंने जापान की खिलाड़ी को चुनौती दी। स्कोर 14-14 तथा फिर 16-16 से बराबर किया।
अकेची ने गेम प्वाइंट हासिल कर लिया। सिंधू ने लंबी रैली के बाद 20-20 की बराबरी करके उसे बचाया, लेकिन अकेची ने एक और मौका हासिल कर लिया और सिंधू के शॉट के बाहर जाने पर 22-20 से गेम जीत लिया। सिंधू ने निर्णायक गेम में 5-3 की बढ़त के साथ शुरुआत की, लेकिन अकेची ने वापसी करते हुए 6-5 से बढ़त बना ली।
भारतीय खिलाड़ी ने फिर से नियंत्रण हासिल किया और मध्यांतर तक दो अंकों की बढ़त बनाए रखी। क्रॉस-कोर्ट रिटर्न और शानदार नेट शॉट से सिंधू ने अपनी बढ़त बढ़ाई, लेकिन अकेची ने नेट का शानदार इस्तेमाल करने के साथ ताकतवर स्मैश के दम पर स्कोर 15-15 कर दिया। मुकाबले का निर्णायक मोड़ 38 शॉट तक चली रैली में आया, जिसका अंत अकेची की नेट पर हुई गलती से हुआ।
इससे सिंधू को 18-16 की बढ़त मिल गई। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने बेहतरीन नेट शॉट लगाकर जीत की ओर कदम बढ़ाए। अकेची के शॉट बाहर जाने से सिंधू को चार मैच प्वाइंट मिले।
उन्होंने क्रॉस-कोर्ट स्मैश लगाकर मुकाबले पर मुहर लगा दी।