Asian Games से बाहर होने के बाद छलका PV Sindhu का दर्द, कमियों को सुधारकर वापसी का लिया संकल्प

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 28, 2026

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू एशियाई खेलों से निराशाजनक तरीके से बाहर होने के बाद आहत हैं लेकिन इस हार के दर्द ने उनके कुछ और हासिल करने के संकल्प को और मजबूत कर दिया है। सिंधू ने अपनी कमियों पर काम करने का वादा करते हुए कहा कि ‘‘एक निराशाजनक नतीजा उस सफर को परिभाषित नहीं कर सकता, जो मेरे लिए इतना मायने रखता है।’’ 

मैं बार-बार उन्हीं तीन अंकों के बारे में सोच रही हूं।’’ इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने स्वीकार किया कि अहम मौकों पर लंबे और थकाऊ रैलियों में वह फिर पिछड़ गईं। हाल में चीन में उनके अभियान के दौरान भी ऐसे ही रैलियों ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास मौका था। उसे हाथ से निकल जाने का दर्द है।’’ निराशा को अपने अभियान की पहचान बनाने देने के बजाय सिंधू ने दबाव के क्षणों में सामने आई कमियों को दूर करने पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।

 उन्होंने कहा, ‘‘मैं और मेरी टीम पहले से ही उन मौकों पर मुकाबला खत्म करने की क्षमता पर काम कर रहे हैं। हम इसे सुधारेंगे।’’ सिंधू ने एशियाई खेलों में 2014 में पदार्पण से लेकर 12 साल बाद अपने चौथे एशियाई खेलों में हिस्सा लेने तक के सफर पर भी गर्व जताया। उन्होंने लिखा, ‘‘गर्व करने की भी वजह है। 2014 में अपने पहले एशियाई खेलों से लेकर अब चौथे खेलों तक, भारत के लिए 12 साल तक अपना सब कुछ देने का सफर रहा है। मैं खुद को इस एहसास को महसूस करने देना चाहती हूं। एक दर्दनाक नतीजा उस सफर को परिभाषित नहीं कर सकता, जो मेरे लिए इतना मायने रखता है।’’ 

सिंधू ने लिखा, ‘‘मैं आहत हूं, लेकिन यह ठीक है। मुझे खुशी है कि यह अब भी मेरे लिए इतना मायने रखता है कि इतनी तकलीफ हो। मैं अब भी इसे चाहती हूं। मैं अब भी कोर्ट पर पूरे दमखम से खेलना चाहती हूं। यही भावना मुझे आगे बढ़ाती है।’’ एशियाई खेलों के व्यस्त कार्यक्रम ने भी सिंधू की शारीरिक क्षमता की परीक्षा ली। उन्होंने 18 घंटे के अंदर तीन मुकाबले खेले। तीसरे मैच के बाद वह रात करीब तीन बजे अपने कमरे में लौटीं और सुबह 8:30 बजे फिर कोर्ट पर उतरना पड़ा।

 उन्होंने कहा, ‘‘18 घंटे में तीन मैच। रात तीन बजे वापस आई और सुबह 8:30 बजे फिर बाहर निकलना पड़ा। इसका असर पड़ा। लेकिन जिस प्रशिक्षण शिविर ने मुझे हर कारण दिया कि मैं बेहतर कर सकती हूं, उसके बाद मैं इससे कहीं ज्यादा हासिल करना चाहती थी।’’ अपने चौथे एशियाई खेलों के अनुभव पर सिंधू ने अपने प्रशंसकों का भी आभार जताया। 

उन्होंने कहा कि जो लोग देर रात तक जागकर उनका मुकाबला देखते और उनका हौसला बढ़ाते रहे, वह उनके लिए भी निर्णायक तीन अंक हासिल करना चाहती थीं। सिंधू ने कहा, ‘‘उन सभी लोगों का धन्यवाद, जो देर रात तक जागे, मेरा हौसला बढ़ाया और मुझ पर भरोसा किया। मैं उन आखिरी तीन अंकों को हम सभी के लिए हासिल करना चाहती थी। मेरे साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद। मैं फिर कोशिश करूंगी।

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