कोरोना काल में कई राज्यों के विधानसभा में नहीं हुआ प्रश्नकाल, फिर संसद में कराने के लिए हंगामा क्यों?

By अंकित सिंह | Sep 05, 2020

भले ही संसद के मानसून सत्र में प्रश्नकाल नहीं होने को लेकर कांग्रेस और कई विपक्षी दल सरकार पर हमला कर रहे है लेकिन कोरोनावायरस संकट के दौरान कई राज्यों में विधानसभा सत्र बुलाई गई जहां प्रश्नकाल नहीं हुआ। तृणमूल कांग्रेस भी केंद्र सरकार पर संसद में प्रश्नकाल नहीं कराने को लेकर हमलावर है लेकिन पश्चिम बंगाल में उसी की सरकार विधानसभा में प्रश्नकाल नहीं करा रही है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि संसद के मानसून सत्र में प्रश्नकाल के बारे में गलत सूचना फैलाया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष के दोहरे रवैए पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सबसे पहले इस बात का जवाब देना चाहिए कि जो विधानसभा राज्यों में बुलाई गई उसमें यह क्यों नहीं हुआ?

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विरोध के बाद लोकसभा सचिवालय ने कहा कि यह बदलाव केवल मानसून सत्र को लेकर किया गया है। शीतकालीन सत्र में प्रश्नकाल का आयोजन किया जाएगा। सचिवालय ने यह भी कहा कि कोरोनावायरस काल में सामाजिक की दूरी और शारीरिक दूरी को ध्यान में रखते हुए इस तरीके के कदम उठाए गए है। सरकार की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि वह हर हफ्ते 1120 सवालों के जवाब देगी। इतना ही नहीं, शुन्यकाल के दौरान सांसद 10 दिनों की अग्रिम सूचना के बिना भी बड़े मुद्दों के मामले उठा सकते है। फिर भी विपक्ष सरकार पर हमलावर है।

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