बंगाल विधानसभा के मानसून सत्र में नहीं होगा प्रश्नकाल: विधानसभा अध्यक्ष

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 04, 2020

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि सदन के आगामी दो दिवसीय मानसून सत्र के दौरान समय की कमी और कोविड​​-19 की स्थिति के कारण प्रश्नकाल नहीं होगा। भाजपा ने इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस पर दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। तृणमूल ने संसद के आगामी सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं रखने के फैसले को लोकतंत्र की हत्या कहा था। राज्य की अन्य प्रमुख विपक्षी पार्टियां-कांग्रेस और माकपा ने हालांकि कहा कि इस बारे में आधिकारिक रूप से जानकारी मिलने के बाद ही वे कोई टिप्पणी करेंगे। 

इसे भी पढ़ें: आर्थिक हालात पर पायलट ने जताई चिंता, कहा- केंद्र सरकार के पास अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोई योजना नहीं


बनर्जी ने कहा, ‘‘हमने तय किया है कि नौ सितंबर से शुरू होने वाले दो दिवसीय मानसून सत्र के दौरान समय की कमी और कोविड-19 स्थिति के कारण प्रश्नकाल नहीं होगा।’’ उन्होंने कहा, प्रश्नकाल का मतलब होगा सत्र को लम्बा खींचना और उसके लिए विधायकों को लंबी अवधि तक ठहरना होगा। हम इस महामारी के दौरान यह नहीं चाहते।’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान ने कहा कि वह इस संबंध में आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही टिप्पणी करेंगे। 

इसे भी पढ़ें: पिछले 5 सालों में हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल का 60 फीसदी वक्त, अब तक 6 बार हुआ है रद्द

भाजपा विधायक दल के नेता मनोज तिग्गा ने कहा कि यह निर्णय तृणमूल के दोहरे मानदंड को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस संसद के आगामी सत्र के दौरान प्रश्नकाल की मांग कर रही है लेकिन उसने पश्चिम बंगाल विधानसभा की कार्यवाही में प्रश्नकाल को शामिल नहीं करने का फैसला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पार्टी के दोहरे मानदंड के अलावा और कुछ नहीं है।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

IPL 2026 से पहले नेहल वढेरा का संकल्प, फाइनल की हार से सीखा बड़ा सबक

Global Cues ने बिगाड़ा खेल, Sensex में 1000 अंकों की भारी गिरावट, IT-Metal Stocks धड़ाम

T20 World Cup में Italy का बड़ा उलटफेर, Nepal को 10 विकेट से रौंदकर रचा इतिहास

Winter Olympics में Remembrance Helmet पर बवाल, यूक्रेनी एथलीट Heraskevych अयोग्य घोषित