By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 13, 2023
सांसद हनुमान बेनीवाल की अगुवाई वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में अगले सप्ताह राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। बेनीवाल ने शुक्रवार को प्रश्नपत्र लीक प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि पिछले दस साल में दर्जनों भर्ती परीक्षाएं प्रश्नपत्र लीक होने के कारण रद्द कर द गईं, लेकिन जब भी किसी मंत्री या नौकरशाह की संलिप्तता की आशंका हुई तो सरकारें चुप रहीं।
प्रश्नपत्र लीक मामले और सत्ता पक्ष के नेताओं की कथित संलिप्तता को लेकर दोनों नेताओं ने शुक्रवार को यहां अलग-अलग संवाददाता सम्मेलन किए। उल्लेखनीय है कि द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा का एक प्रश्नपत्र पिछले महीने लीक हो गया था, जिसके बाद उसे रद्द कर दिया गया था। इससे पहले राज्य में कांस्टेबल भर्ती-2022 और अध्यापक पात्रता परीक्षा रीट-2021 के प्रश्नपत्र लीक हो गए थे।
आरएलपी के संयोजक व नागौर से सांसद बेनीवाल ने पत्रकारों को बताया कि वह 17 जनवरी को प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर जयपुर में, 19 जनवरी को बाड़मेर में अवैध बालू खनन के मुद्दे पर और 20 जनवरी को अजमेर में बिजली से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूद कांग्रेस के शासन में राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है और बेरोजगारी चरम पर है। उन्होंने प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की।
दूसरी ओर भाजपा के सांसद मीणा ने भी एक अलग सवांददाता सम्मेलन में प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि ऑनलाइन परीक्षाओं में धोखाधड़ी हुई और इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती प्रश्नपत्र लीक मामले में एक आरोपी सुरेश ढाका ने उस निजी कंपनी की मिलीभगत से ऑनलाइन प्रश्नपत्र में धोखाधड़ी की, जो परीक्षा संचालन का काम में लगी थी। मीणा ने कहा कि वह परीक्षाओं में नकल और प्रश्नपत्र लीक रोकने में सरकार की नाकामी के खिलाफ दौसा से जयपुर तक मार्च निकालेंगे।