5 महीने तक चली भारत जोड़ो यात्रा 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित क्षेत्रों से गुजरी, जानिये समापन पर राहुल गांधी ने क्या कहा

By नीरज कुमार दुबे | Jan 30, 2023

136 दिन लंबी भारत जोड़ो यात्रा के समापन के अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि उनकी यात्रा का मकसद भारत के उदार और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बचाना है। उन्होंने दावा किया कि देश के उदार और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को भाजपा और आरएसएस के हमले का सामना करना पड़ रहा है। श्रीनगर में भारी हिमपात के बीच एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैंने यह यात्रा अपने लिए या कांग्रेस के लिए नहीं बल्कि देश के लोगों के लिए की है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद उस विचारधारा के खिलाफ खड़ा होना है जो इस देश की नींव को ही नष्ट करना चाहती है।

उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कन्याकुमारी से लेकर श्रीनगर तक यात्रा जहां-जहां गई, इस यात्रा को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि इस देश में अभी एक जज्बा है- देश के संविधान के लिए और देश की धरती के लिए। प्रियंका ने रैली में कहा कि शुरुआत में उन्हें आशंका थी कि क्या लोग यात्रा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा भाई पिछले पांच महीने से कन्याकुमारी से पैदल चल रहा है। पहले मैंने भी यह सोचा था कि यह लंबी यात्रा है, पता नहीं, लोग बाहर निकलेंगे या नहीं। लेकिन वे हर जगह बाहर निकले। वे इसमें शामिल हुए क्योंकि देश के लोगों में एकता की भावना है।’’ प्रियंका ने कहा कि राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करते वक्त उनकी मां सोनिया गांधी को एक संदेश भेजा कि वह घर जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पूरे देश ने यात्रा का समर्थन किया। देश में जो राजनीति हो रही है, उससे देश को फायदा नहीं हो सकता। जो राजनीति विभाजित करती है वह देश को लाभ नहीं पहुंचा सकती। पदयात्रा करने वाले लोगों ने उम्मीद की एक किरण दिखायी है।’’

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जहां तक राहुल के संबोधन की बात है तो आपको बता दें कि उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और आरएसएस हिंसा भड़का कर देश के उदार एवं धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने उन पलों को याद किया जब उन्हें फोन पर उनकी दादी इंदिरा गांधी और पिता राजीव गांधी की हत्या की सूचना मिली थी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि हिंसा भड़काने वाले कभी भी उस दर्द को नहीं समझ पाएंगे। उन्होंने कहा, "जो लोग हिंसा भड़काते हैं- जैसे मोदीजी, अमित शाहजी, भाजपा और आरएसएस- वे इस दर्द को कभी नहीं समझेंगे। सेना के किसी जवान का परिवार यह समझेगा, पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों का परिवार यह समझेगा, कश्मीर के लोग समझेंगे कि वह दर्द क्या होता है।’’ राहुल गांधी ने कहा कि उनकी ‘‘यात्रा का मकसद अपने प्रियजनों की मौत की खबर देने वाले फोन कॉल को समाप्त करना है- चाहे वह कोई सैनिक हो, सीआरपीएफ का जवान हो या कोई कश्मीरी हो।"

कांग्रेस नेता ने भाजपा के शीर्ष नेताओं को उनकी तरह जम्मू-कश्मीर में यात्रा करने की चुनौती देते हुए कहा कि वे लोग कभी भी ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि वे भयभीत हैं। उन्होंने कहा, "मैं आपको गारंटी दे सकता हूं कि भाजपा का कोई भी नेता जम्मू-कश्मीर में इस तरह पैदल नहीं चल सकता। वे ऐसा नहीं करेंगे, इसलिए नहीं कि उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी, बल्कि इसलिए कि वे भयभीत हैं।" राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें जम्मू-कश्मीर की धरती पर पैदल नहीं चलने की सलाह दी गई थी क्योंकि उन पर हमला हो सकता है। उन्होंने कहा, "मैंने इस पर विचार किया और फिर फैसला किया कि मैं अपने घर और अपने लोगों (जम्मू-कश्मीर में) के साथ चलूंगा। क्यों नहीं उन्हें (उनके दुश्मनों को) मेरी शर्ट का रंग बदलने का मौका दिया जाना चाहिए, उन्हें इसे लाल करने दें।" उन्होंने कहा, "कश्मीर के लोगों ने मुझे हथगोले नहीं दिए, सिर्फ प्यार भरा दिल दिया।’’ 

उधर, कांग्रेस ने अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के समापन के अवसर पर भारी हिमपात के बीच जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में एक रैली भी निकाली। शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम से शुरू हुई रैली का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने किया तथा इसमें द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रविड़), नेशनल कांफ्रेंस (नेकां), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस रैली के साथ ही करीब पांच महीनों में 12 राज्यों तथा दो केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का समापन हो गया। यह पदयात्रा पिछले साल सात सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी। यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने 12 जनसभाओं, 100 से अधिक नुक्कड़ सभाओं, 13 संवाददाता सम्मेलनों को संबोधित किया। इससे पहले, राहुल गांधी ने पंथाचौक में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के शिविर स्थल पर राष्ट्र ध्वज फहराया।

दूसरी ओर, ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान कड़ाके की ठंड में टी-शर्ट पहनकर पदयात्रा करके देशभर में बहस छेड़ने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कश्मीर की हाड़ कंपा देने वाली ठंड में ‘फेरन’ पहना। भारी हिमपात के बीच पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को सुबह अपनी ट्रेडमार्क सफेद रंग की टी-शर्ट पर बिना बाजू की जैकेट पहने हुए देखा गया। इसके बाद वह फेरन पहने नजर आए। उल्लेखनीय है कि फेरन पारंपरिक रूप से कश्मीरियों द्वारा पहने जाने वाला, गले से पैर तक लंबा परिधान होता है।

मौलाना आजाद रोड पर प्रदेश कांग्रेस समिति के मुख्यालय में एक कार्यक्रम में भाग लेने के तुरंत बाद राहुल गांधी को शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम जाते वक्त ग्रे रंग का फेरन पहने हुए देखा गया। राहुल गांधी की सफेद रंग की टी-शर्ट उस वक्त चर्चा में आयी थी जब यात्रा ने कड़ाके की ठंड में दिल्ली में प्रवेश किया था। उनके समर्थकों ने उनके संयम की तारीफ की थी जबकि विरोधियों ने आलोचना की थी। वहीं, राहुल गांधी ने कहा था कि उन्होंने मध्य प्रदेश में ‘‘फटे हुए कपड़ों में ठिठुरती’’ तीन लड़कियों से मिलने के बाद पदयात्रा के दौरान केवल टी-शर्ट पहनने का फैसला किया था। कांग्रेस नेता ने कहा था कि तभी उन्होंने फैसला कर लिया था कि वह तब तक स्वेटर नहीं पहनेंगे जब तक कि उन्हें ठिठुरन नहीं होती।

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