By एकता | May 31, 2026
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद विपक्षी नेताओं में भारी नाराजगी है। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने खुद उन्हें फोन किया और अभिषेक बनर्जी के इलाज के लिए हर संभव मदद की पेशकश की। ममता बनर्जी के मुताबिक, राहुल ने उन्हें पूरा साथ देने का भरोसा दिलाया है।
यह पूरी घटना तब हुई जब अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर इलाके में चुनाव के बाद हुई हिंसा के शिकार परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन पर कथित तौर पर हमला कर दिया।
सोनारपुर से सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि उग्र प्रदर्शनकारी टीएमसी नेता पर पत्थर, अंडे और जूते फेंक रहे हैं। इस धक्का-मुक्की और हंगामे के बीच अभिषेक बनर्जी की शर्ट भी फट गई। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें सुरक्षित घेरे में लिया और इलाके से बाहर निकाला।
इस हमले को लेकर अभिषेक बनर्जी ने खुद बयान दिया है और इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। मौके पर पर्याप्त पुलिस न होने पर सवाल उठाते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, "देखिए उन्होंने मेरे साथ क्या किया है। यह सब पहले से तय था। इलाके में कोई पुलिस मौजूद नहीं थी। वे मुझे मारना चाहते हैं।"
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मामले में एक और गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद अभिषेक बनर्जी को इलाज न मिल सके, इसके लिए अस्पतालों और डॉक्टरों पर दबाव बनाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा, "सत्ता में बैठे लोग सभी अस्पतालों और बड़े अधिकारियों को धमका रहे हैं कि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए। जब मैं अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटर के साथ बैठी थी, तो उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें पुलिस से धमकी भरे फोन आ रहे थे। डॉक्टर दुखी हैं, लेकिन वे दबाव में हैं।"
दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस हमले की कड़ी निंदा की। राहुल गांधी ने लिखा, "सोनारपुर में सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है। किसी सांसद पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं है। यह उन लोगों पर हमला है जिन्होंने उन्हें चुना है, और उस लोकतंत्र पर हमला है जो हमारी साझा विरासत है। यह भाजपा की बदले की राजनीति का गंदा चेहरा है। राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा को सही नहीं ठहरा सकते।" उन्होंने केंद्र और बंगाल सरकार से दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की।
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, तो वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे 'बड़ी साजिश' बताते हुए भाजपा पर हिंसक राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि इसमें पार्टी की कोई भूमिका नहीं है, यह टीएमसी के खिलाफ स्थानीय लोगों का गुस्सा हो सकता है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी शांति की अपील की है।