By Prabhasakshi News Desk | Oct 04, 2024
हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार पूरी तरह से थम चुका है। जिससे तीन-चार दिन पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी ने प्रचार की कमान अपने हाथों में ली थी। जिसको लेकर कल उन्होंने राज्य में कई रैलियां को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी की सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आड़े हाथों लेते हुए पर जमकर हमला बोला। इसके साथ ही गांधी ने हरियाणा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को शेर और शेरनियां बताते हुए कहा कि उनकी बदौलत ही पूरी पार्टी को शक्ति मिलती है।
रैली के दौरान संविधान की एक कॉपी दिखाते हुए राहुल गांधी ने लोगों से कहा कि इस चुनाव में असली लड़ाई संविधान बचाने की है। उन्होंने कहा कि संविधान की बदौलत ही देश में किसान, मजदूर और गरीब तबके के लोगों को उनके अधिकार मिले हैं, लेकिन भाजपा की सरकार बाबा साहेब अंबेडकर के बने इस संविधान को खत्म करने की साजिश रच रही है। लोगों से सजग रहने की अपील करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर संविधान खत्म हो गया, तो लोगों के सभी अधिकार सरकार छीन लेगी और सत्ता सिर्फ चुने हुए 20 से 25 लोगों के हाथ में चली जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस को संविधान बढ़ाने की विचारधारा वाली पार्टी बताते हुए कहा कि लोगों ने उन्हें बताया है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हरियाणा को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है।
राज्य में युवाओं के लिए कोई रोजगार की व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण उन्हें मजबूरी में डंकी रूट से अमेरिका जाना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम मोदी को हरियाणा की जनता को इस बात का जवाब देना चाहिए कि उन्होंने राज्य को बेरोजगारी दर में सबसे अंत में क्यों पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ अरबपतियों के लिए अपनी सरकार चलाते हैं। जिसके तहत उन्होंने बड़े उद्योगपतियों का लगभग 16 लाख करोड़ रुपए का कर्ज भी माफ किया है, लेकिन उन्होंने हरियाणा की गरीब जनता, किसान और युवाओं का कोई भी कर्जा माफ नहीं किया।
इसके साथ ही कांग्रेस नेता गांधी ने तीन कृषि कानूनों को काले कानून घोषित करते हुए दावा किया कि यह सभी कानून लोगों को उनकी जमीन से बेदखल करने के लिए लाए गए थे। जिसका उद्देश्य सिर्फ देश के कुछ गिने चुने उद्योगपतियों को फायदा पहुंचना ही था। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस के लोग देश को भाषा, धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बांटना चाहते हैं और कांग्रेस पार्टी का लक्ष्य इस नफरत को खत्म करना ही है। इसके साथ ही गांधी ने भारत को मुहब्बत की दुकान वाला देश भी बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शेर और शेरनिया कहकर संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि वे लोग ही पार्टी को मजबूत करने के लिए लाठियां खाने को मजबूर होते हैं लेकिन वह कभी पीछे नहीं हटते। इसके लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन कार्यकर्ताओं की वजह से ही मुझे भी शक्ति मिलती है।