By अंकित सिंह | Nov 06, 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए मतदाता पहचान को एक शर्त बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कदम और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के कारण लाखों लोग अपने अधिकारों से वंचित हो सकते हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि यह सिर्फ वोट की चोरी नहीं, बल्कि अधिकारों की चोरी है। उन्होंने केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह की उस घोषणा पर यह प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार की जगह वोटर आईडी कार्ड का इस्तेमाल किया जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में, गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को मतदाता सूची से जोड़ने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया चल रही है, मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह साजिश बहुत गहरी है - इसे समझने के लिए पूरा समय लें। SIR की आड़ में, मतदाता सूचियों से लाखों नाम हटाए जा रहे हैं। अगर इसे नहीं रोका गया, तो और भी नाम हटा दिए जाएंगे। सबसे ज्यादा किन लोगों के नामों को निशाना बनाया जा रहा है? उन लोगों को, जो BJP से बहुत नाराज हैं।
गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची असल में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के हाथों में है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर बीजेपी के साथ मिलीभगत करने और 'वोट की चोरी' कराने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार ऐसी मतदाता सूची तैयार कर रही है, जो न केवल किसी व्यक्ति के वोट देने के अधिकार को तय कर सकती है, बल्कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने की उसकी पात्रता को भी प्रभावित कर सकती है।
गांधी ने कहा कि जिसने भी कल यह तय किया कि बीजेपी को जाना चाहिए, उसके नाम को चुन-चुनकर सूची से हटा दिया जाएगा। नाम हटा - तो वोट गया। वोट गया - तो अधिकार गए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कदम से लोग लोकतंत्र में 'अदृश्य नागरिक' बनकर रह जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राशन, पेंशन, मनरेगा (MGNREGA), आवास, छात्रवृत्ति और आरक्षण जैसी अन्य सुविधाओं का लाभ पाने के लिए भी वोटर आईडी अनिवार्य कर दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह चुनाव जीतने की राजनीति नहीं है, बल्कि चुनाव चुराने की एक व्यवस्था है और सत्ता में बने रहने का एक स्थायी इंतजाम है।