Prabhasakshi NewsRoom: PM Modi की अध्यक्षता में चल रही थी अहम मीटिंग, गुस्से में 5 मिनट में ही उठ कर चले गये Rahul Gandhi, बैठक में CJI भी थे मौजूद

By नीरज कुमार दुबे | May 13, 2026

सीबीआई के अगले निदेशक के चयन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी महज पांच मिनट में ही बाहर निकल गए। बैठक छोड़ने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री को दो पन्नों का कड़ा असहमति पत्र सौंपते हुए चयन प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण बताया और कहा कि वह ऐसे पूर्व निर्धारित अभ्यास का हिस्सा नहीं बन सकते।

इसे भी पढ़ें: मिसाल पेश करते PM Modi: अपने काफिले का आकार 50% घटाया, ई-वाहन पर जोर, आर्थिक संकट से निपटने के लिए बनाया 'मास्टर प्लान'

बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीआई जैसी प्रमुख जांच एजेंसी का उपयोग लगातार राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की संस्थागत पकड़ को रोकने के उद्देश्य से विपक्ष के नेता को चयन समिति में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें इस प्रक्रिया में कोई सार्थक भूमिका नहीं दी गई।

राहुल गांधी ने अपने असहमति पत्र में कहा कि उन्होंने कई बार लिखित रूप से योग्य उम्मीदवारों की स्वयं मूल्यांकन रिपोर्ट और 360 डिग्री मूल्यांकन रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन सरकार ने उन्हें उपलब्ध नहीं कराया। उनका कहना था कि बैठक के दौरान पहली बार उनहें उनहत्तर उम्मीदवारों के मूल्यांकन अभिलेख देखने के लिए दिए गए, जबकि 360 डिग्री रिपोर्ट पूरी तरह रोक दी गई। राहुल के अनुसार किसी भी उम्मीदवार के कार्यकाल, प्रदर्शन और पृष्ठभूमि का निष्पक्ष आकलन करने के लिए इन दस्तावेजों का अध्ययन बेहद आवश्यक था।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी कानूनी आधार के महत्वपूर्ण सूचनाएं रोककर सरकार ने पूरी चयन प्रक्रिया को मजाक बना दिया है और इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि पहले से तय उम्मीदवार को ही चुना जाए। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का नेता केवल औपचारिक मुहर लगाने वाला पद नहीं है और वह अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते।

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया, जिसके कारण बैठक महज पांच मिनट में समाप्त हो गई। बताया गया कि इसके बाद लगभग पैंतीस मिनट तक ईरान सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत होती रही। बैठक कुल मिलाकर एक घंटे से अधिक समय तक चली।

राहुल गांधी ने बाद में सोशल मीडिया मंच पर भी अपना विरोध सार्वजनिक किया। उन्होंने लिखा कि वह किसी पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से समझौता नहीं कर सकते। उन्होंने दोहराया कि विपक्ष का नेता किसी की रबड़ स्टॉम्प नहीं है।

अपने पत्र में राहुल गांधी ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले पांच मई 2025 को हुई बैठक में भी उन्होंने असहमति दर्ज कराई थी। इसके अलावा 21 अक्तूबर 2025 को उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कई सुझाव भी दिए थे। बावजूद इसके सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया।

उधर, सरकार की ओर से अभी तक राहुल गांधी के आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि चयन प्रक्रिया नियमानुसार चल रही है और समिति योग्य अधिकारियों के नामों पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि विभिन्न राज्यों के कई वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों के नाम संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल हैं। इनमें पराग जैन, शत्रुजीत कपूर, योगेश गुप्ता, जीपी सिंह और प्रवीर रंजन जैसे अधिकारियों के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं।

हम आपको बता दें कि सीबीआई देश की सबसे महत्वपूर्ण जांच एजेंसियों में गिनी जाती है और उसके निदेशक की नियुक्ति को हमेशा संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे में चयन प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। राहुल गांधी के तीखे विरोध और बैठक से बाहर निकलने की घटना ने इस नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर नये विवाद खड़े कर दिए हैं।

प्रमुख खबरें

Udhayanidhi Stalin के सनातन प्रहार पर Vijay का ज्योतिष कार्ड! Tamil Nadu की राजनीति में धर्म और तर्क का नया संग्राम

बंगाल में अब सड़कों पर नमाज नहीं, अजान की तेज आवाज बंद, CM शुभेंदु का बड़ा फैसला

Sonia Gandhi गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती, राहुल गांधी ने मां की सेहत के चलते रद्द किया केरल दौरा

Tamil Nadu Assembly | विधायकों को कैश की पेशकश! AIADMK की अंदरूनी कलह उजागर, EPS ने फ्लोर टेस्ट के दौरान लगाया हॉर्स-ट्रेडिंग का आरोप