By अंकित सिंह | Oct 10, 2026
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी 10 अक्टूबर को चेन्नई में छात्रों से जुड़ने के लिए आयोजित कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' में हिस्सा लेंगे। चेन्नई का यह कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी के उस देशव्यापी अभियान का छठा चरण है, जिसे छात्रों से जुड़ने और उनकी चुनौतियों को समझने के लिए शुरू किया गया था। यह अभियान 17 जून को राजस्थान के कोटा में शुरू हुआ था और तब से देहरादून (उत्तराखंड), प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), इंदौर (मध्य प्रदेश) और अन्य जगहों पर आयोजित किया जा चुका है।
गांधी ने "अंधभक्तों" की आलोचना की और उनकी तुलना सवाल पूछने वाले छात्रों से की। उन्होंने कहा कि अंधभक्त कभी सवाल नहीं पूछता। छात्र वह होता है जो आवाज़ उठाता है। उन्होंने आगे कहा कि अंधभक्त छात्र का ठीक उल्टा होता है। जहाँ छात्र सवाल पूछता है और जिज्ञासु रहता है, वहीं अंधभक्त अपनी ही काल्पनिक दुनिया में रहता है। जहाँ छात्र निडर होता है, वहीं अंधभक्त डरपोक होता है। उन्होंने उन दावों का भी ज़िक्र किया जिनमें कहा जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी भगवान विष्णु के अवतार हैं। गांधी ने कहा कि अंधभक्त कहते हैं कि विकास की ज़रूरत नहीं है। मोदी जी विष्णु के अवतार हैं। लेकिन अंधभक्त कभी यह नहीं पूछते कि हमारे स्कूलों और कॉलेजों की हालत ऐसी क्यों हो गई है, हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर क्यों खराब हो गया है और हमारे पेपर क्यों लीक हो रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं द्वारा 2026 में शुरू किए गए 'छात्रों की गूंज' अभियान का मकसद छात्रों को परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत, भर्ती की चुनौतियों और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच देना है। इसे पहले पुणे, कोटा, देहरादून और प्रयागराज में चलाया जा चुका है, जिसका मकसद छात्रों की चिंताओं को राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनाना है।