बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष पैकेज दें PM! राहुल गांधी ने मोदी सरकार से की तत्काल मदद की गुहार

By अंकित सिंह | Sep 03, 2025

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगातार बारिश से विनाशकारी तबाही झेल रहे राज्यों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति "बेहद चिंताजनक" है। केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए गांधी ने कहा कि ऐसे कठिन समय में आपका (प्रधानमंत्री मोदी) ध्यान और केंद्र सरकार की सक्रिय मदद बेहद ज़रूरी है। हज़ारों परिवार अपने घरों, जान और प्रियजनों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

आईएमडी के अनुसार, जम्मू और कश्मीर में रेड अलर्ट वाले जिलों में पुंछ, मीरपुर, राजौरी, रियासी, जम्मू, रामबन, उधमपुर, सांबा, कठुआ, डोडा और किश्तवाड़ शामिल हैं। पंजाब में, कपूरथला, जालंधर, नवाशहर, रूपनगर, मोगा, लुधियाना, बरनाला और संगरूर रेड अलर्ट पर हैं; जबकि हिमाचल प्रदेश में, मंडी, ऊना, बिलासपुर, सिरमौर और सोलन इसी तरह की चेतावनी के तहत हैं। हरियाणा के यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और एसएएस नगर भी इसी चेतावनी के तहत हैं।

इसे भी पढ़ें: बाढ़ से जूझ रहे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए हरियाणा ने बढ़ाया मदद का हाथ, भेजे 5-5 करोड़

मंगलवार सुबह 8:30 बजे से बुधवार सुबह 5:30 बजे के बीच, जम्मू और कश्मीर के कई क्षेत्रों में अच्छी खासी बारिश हुई। सबसे अधिक 203 मिमी बारिश रियासी में दर्ज की गई जम्मू शहर में 81 मिमी बारिश हुई, जबकि बनिहाल (95 मिमी), रामबन (82 मिमी), कोकरनाग (68.2 मिमी) और पहलगाम (55 मिमी) जैसे अन्य स्थानों पर भी भारी वर्षा हुई। इसके अलावा, इसी अवधि के दौरान श्रीनगर (32 मिमी), सांबा (48 मिमी), किश्तवाड़ (50 मिमी), राजौरी (57.4 मिमी), श्रीनगर (32 मिमी) और काजीगुंड (68 मिमी) में भी बारिश दर्ज की गई।

प्रमुख खबरें

Julián Álvarez ने Atlético Madrid छोड़ने का किया ऐलान, Barcelona जाने के सपने पर 500 मिलियन यूरो का ब्रेकर

FIFA World Cup 2026: Erling Haaland का गोल-शो, Norway की नॉकआउट में धमाकेदार एंट्री!

China के पड़ोसी देश पर जयशंकर का बड़ा ऐलान, सिखाएंगे अंग्रेजी

US-Iran Deal का असर, Hormuz से भारतीय जहाज़ों का रास्ता खुला, MEA ने बताया मौजूदा हाल