By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 07, 2022
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोल वाशरियों और कोल डिपो में गड़बड़ी की शिकायत पर छापे की कार्रवाई की है। राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बुधवार को कई कोल वाशरियों और कोल डिपो पर आकस्मिक रूप से दबिश दी गई। उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा यह कार्रवाई कोल वाशरियों और कोल डिपो में कोयले के स्टाक में गड़बड़ी सहित अन्य शिकायतों को देखते हुए की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य के बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिले में स्थित कोल वाशरियों तथा कोल डिपो में खनिज, राजस्व, पुलिस और जीएसटी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त दलों ने दबिश दी और कोयले के स्टाक सहित आवक-जावक, पर्यावरण नियम के उल्लंघन, भूमि संबंधी दस्तावेजों में कमियां, वेवब्रिज के कैलिब्रेशन में अंतर और अन्य कमियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की है।
रायगढ़ जिले की कोल वाशरियों और कोल डिपो में भी जांच-पड़ताल की कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि इसी तरह कोरबा जिले में अधिकारियों के संयुक्त दल ने कोल वाशरी दीपका, गेवरा, चाकाबुर्रा, रैकी, रतीजा, मारुति, इंडस उद्योग एंड प्राइवेट लिमिटेड, कोठरी तथा पावर प्लांट चकाबूरा, रतीज़ा पावर, मारुति और रेकी पावर में अधिक मात्रा में कोल स्टॉक, पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन, भूमि संबंधी दस्तावेजों में कमियां, वेवब्रिज के कैलीब्रेशन में अंतर तथा अन्य कमियों की सघन जांच-पड़ताल की कार्रवाई की है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह छापा छत्तीसगढ़ सरकार का कोल माफ़ियाओं के खिलाफ कार्रवाई है। अधिकारियों ने बताया कि इन उद्योगों के खिलाफ पिछले डेढ़ माह से कोयला चोरी, पर्यावरण नियमों के उल्लंघन और कर चोरी की शिकायतें मिल रही थी। जीएसटी विभाग ने इन परिसरों से दस्तावेज भी जब्त किए। कार्रवाई का विवरण बाद में साझा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जिन कोल वाशरियों पर छापा मारा है इनमें इंडस उद्योग प्राइवेट लिमिटेड और सत्या पावर कोल वाशरी भी शामिल हैं, जो सूर्यकांत तिवारी, एसीबी प्राइवेट लिमिटेड और हिंद एनर्जी की है।