Kirodi Lal Meena के आगे झुकता नजर आ रहा है BJP नेतृत्व, उन्होंने पार्टी से जो मांग की थी वह संभवतः मान ली जायेगी

By नीरज कुमार दुबे | Jul 09, 2024

राजस्थान भाजपा में चल रही उठापटक के बीच चर्चाएं गरम हैं कि संगठन में अनुशासन को लेकर पार्टी हाईकमान कोई सख्त फैसला ले सकता है और बड़बोले नेताओं को साइडलाइन किया जा सकता है। इस तरह की भी चर्चाएं हैं कि कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके किरोडी लाल मीणा को राजस्थान से हटाकर दिल्ली में कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है। दरअसल मंत्रिमंडल में शामिल कई वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के लिए मुश्किल बने हुए हैं। हम आपको बता दें कि इसी तरह का वाकया छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिला था इसलिए विष्णु देव साय मंत्रिमंडल में शामिल बृजमोहन अग्रवाल को रायपुर से सांसद बनाकर दिल्ली की राजनीति में ला दिया गया। माना जा रहा है कि यही फॉर्मूला राजस्थान में भी अपनाया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: किरोडी लाल मीणा प्रकरण कहीं वरिष्ठ और युवा नेताओं के बीच चल रही खींचतान का परिणाम तो नहीं?

इसी प्रकार राजस्थान के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी विभिन्न पदों पर समायोजित किये जाने की चर्चाएं चल रही हैं। खासतौर पर 70 पार कर चुके नेताओं को भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण पद दिये जाने की राजनीतिक चर्चाएं इस समय आम हैं। 70 पार कर चुके नेताओं में किरोडी लाल मीणा, ओम माथुर, वसुंधरा राजे, घनश्याम तिवाड़ी और देवी सिंह भाटी जैसे बड़े और महत्वपूर्ण नाम हैं। राजस्थान विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहे राजेंद्र राठौड़ को भी कोई महत्वपूर्ण पद दिये जाने की चर्चा है। इस तरह की भी अटकलें हैं कि उन्हें सवाई माधोपुर में होने वाला विधानसभा उपचुनाव लड़वाया जा सकता है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में राजस्थान भाजपा की राजनीति क्या करवट लेती है।

जहां तक किरोडी लाल मीणा की बात है तो आपको बता दें कि पांच बार के विधायक और पूर्व राज्यसभा सदस्य किरोडी लाल मीणा दौसा और सवाई माधोपुर से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। वह राजस्थान के बड़े आदिवासी नेता हैं जिन्होंने कांग्रेस के परंपरागत मीना वोट बैंक को भाजपा से जोड़ा। हम आपको यह भी बता दें कि किरोडी लाल मीणा बार-बार यही कह रहे हैं कि उनकी संगठन या मुख्यमंत्री से कोई नाराजगी नहीं है और उन्होंने अपनी उस सार्वजनिक घोषणा के कारण इस्तीफा दिया है कि अगर पार्टी उनके अधीन वाली लोकसभा सीटें हारती है तो वे इस्तीफा दे देंगे। दरअसल किरोडी लाल मीणा ने दौसा, भरतपुर, करौली-धौलपुर, अलवर, टोंक-सवाई माधोपुर और कोटा-बूंदी समेत पूर्वी राजस्थान की सीट पर प्रचार किया था। भाजपा इनमें से भरतपुर, दौसा, टोंक-सवाईमाधोपुर और धौलपुर-करौली सीट कांग्रेस से हार गई।

प्रमुख खबरें

CEC Gyanesh Kumar को हटाएं और पैनल में CJI को लाएं, Kerala Assembly में प्रस्ताव पास

Rahul Gandhi के आरोपों पर Shivraj का पलटवार, अराजकता से सत्ता पाना चाहती है Congress

Khyber Pakhtunkhwa में आपातकाल घोषित, पूर्व सीएम Sohail Afridi और PTI नेता हिरासत में

हमारे मुंह में शब्द न डालें...फॉर्म-6 पर सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति की साफ, न तो मंजूरी दी और न ही अस्वीकार किया