राजस्थान सरकार सुनिश्चित करे कि प्रदेश में कोई बाल विवाह नहीं हो : High Court

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 02, 2024

जयपुर। राजस्थान में अक्षय तृतीया से पहले उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि राज्य में कोई बाल विवाह नहीं हो। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि बाल विवाह होने पर सरपंच और पंच को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। बाल विवाह की कई घटनाएं मुख्य रूप से अक्षय तृतीया पर होती हैं। अक्षय तृतीया इस बार 10 मई को है। उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने बाल विवाह को रोकने के लिए हस्तक्षेप की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को अपने आदेश में कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 लागू होने के बावजूद, राज्य में बाल विवाह अब भी हो रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: दिल्ली के मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी का जवाब लोग अपने वोट से देंगे : सुनीता केजरीवाल

इस प्रकार, एक अंतरिम उपाय के रूप में, हम राज्य को निर्देश देंगे कि वह राज्य में होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए की गई जांच के संबंध में रिपोर्ट मांगे और उस सूची पर भी पैनी नजर रखे जो जनहित याचिका के साथ संलग्न है।’’ आदेश में कहा गया है, ‘‘उत्तरदाताओं को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य में कोई बाल विवाह नहीं हो। सरपंच और पंच को संवेदनशील बनाया जाना चाहिए और उन्हें सूचित किया जाना चाहिए कि यदि वे बाल विवाह को रोकने में विफल रहते हैं, तो बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की धारा 11 के तहत उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

प्रमुख खबरें

नेहा बोरा को भेजा Delhi Police का नोटिस असंवैधानिक, High Court में BNSS के नियमों पर वकील ने दी दलील

IAF का एयर शो Wings Over Ganga वाराणसी में शुरू, 100 विमानों ने गंगा तट पर दिखाई ताकत

Jairam Ramesh ने Ram Mandir जमीन खरीद पर PM Modi को घेरा, चंदे में हेरफेर का लगाया आरोप

Yamuna सफाई के लिए DJB की 9000 करोड़ की योजनाएं शुरू, CM Rekha Gupta ने दिया रोडमैप