By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 20, 2026
राजस्थान पुलिस अब मादक पदार्थों के खिलाफ अभियानों की हर बुधवार को राज्यभर में समीक्षा करेगी। एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि नई रणनीति के तहत पुलिस का ध्यान केवल मादक पदार्थों की जब्ती और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर पूरे ड्रग आपूर्ति नेटवर्क को ध्वस्त करने पर रहेगा।
उन्होंने कहा कि 2026 के पहले सात महीनों में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अधिक रही है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की जब्ती और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि पुलिस को पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसे जड़ से खत्म करने की दिशा में काम करना होगा। अधिकारियों को जिलों में ‘ड्रग हॉटस्पॉट’ चिह्नित कर उनकी नियमित निगरानी करने तथा तस्करों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शर्मा ने बताया कि राज्य में ‘एंटी-नारकोटिक्स ऑपरेशन’ के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, ताकि बेहतर समन्वय, खुफिया जानकारी जुटाने और निगरानी में मदद मिल सके। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) शरत कविराज, पुलिस उपमहानिरीक्षक (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) अमित जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।