By अभिनय आकाश | Jan 02, 2026
देश की समृद्ध सभ्यतागत विरासत की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि आधुनिक भारत अपने प्राचीन अतीत और सांस्कृतिक परंपराओं को मान्यता देकर शक्ति और गौरव प्राप्त करता है। मेवाड़ के महाराणा भूपाल सिंह जी के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय के 104वें स्थापना दिवस समारोह को उदयपुर में संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता ने विज्ञान, चिकित्सा, गणित, व्याकरण, दर्शन और नैतिकता जैसे विभिन्न विषयों में ज्ञान प्रणालियों में भारत के स्थायी योगदान पर प्रकाश डाला।
सिंह ने कहा कि आज का भारत अपने अतीत पर गर्व करता है। आज का भारत अपनी परंपराओं का सम्मान करता है और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को महत्व देता है। भारत की धरती ने चरक, सुश्रुत, आर्यभट, ब्रह्मगुप्त, माधव, पाणिनी, पतंजलि, नागार्जुन, पिंगला, मैत्रेयी, गार्गी और तिरुवल्लुवर जैसे विद्वानों को जन्म दिया है। राजनाथ सिंह ने मेवाड़ के महाराणा भूपाल सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें केवल एक शासक ही नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी शिक्षाविद और समर्पित देशभक्त बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा भूपाल जी ने चित्तौड़ में हिंदू विश्वविद्यालय, उदयपुर में कृषि महाविद्यालय और बालिका शिक्षा सहित कई विद्यालयों की स्थापना की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि मित्रों, इस संस्थान का नाम मेवाड़ के महाराणा श्री भूपाल सिंह जी के नाम पर रखा गया है। महाराणा श्री भूपाल सिंह जी केवल एक शासक ही नहीं थे; मुझे बताया गया है कि वे एक शिक्षाविद भी थे। उन्होंने चित्तौड़ में हिंदू विश्वविद्यालय, उदयपुर में कृषि महाविद्यालय और कई अन्य विद्यालयों की स्थापना की।