By अंकित सिंह | Apr 24, 2024
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 'बौद्धिक सम्मेलन' को संबोधित किया। राज्य में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हो रहे है। अपने संबोधन में राजनाथ ने कहा कि जब भी मुझे आंध्र प्रदेश आने का अवसर मिलता है तो मुझे यहां का जीवंत कल्चर, जबरदस्त संभावनाएं अपनी ओर आकर्षित करता है। वर्ष 2013 में जब आंध्र प्रदेश का विभाजन हुआ तो बहुत सारे बकाया मुद्दों का समाधान कांग्रेस ने नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि रिलीजन के नाम पर देश को बांटने वाली कांग्रेस आजादी के बाद पहले दिन से ही समाज को बाँटने वाली तुष्टिकरण की राजनीति करती चली आ रही है। तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति कांग्रेस के DNA में है।
उन्होंने कहा कि यह आंध्र प्रदेश में SC/ST और OBC को मिले आरक्षण में से कमी करके मुसलमानों को आरक्षण देने का प्रयास किया गया और वोटबैंक की राजनीति के चलते डर्टी गेम खेला गया। मगर आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने इस निर्णय पर रोक लगा दी। उसके बावजूद, साल 2004 से 2010 के बीच कांग्रेस ने 4 बार आंध्र प्रदेश में ‘मुस्लिम रिजर्वेशन’ लागू करने की कोशिश की। लेकिन कानूनी अड़चनों और सुप्रीम कोर्ट की जागरूकता के कारण वो अपने मंसूबे पूरे नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कहती है कि प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे हैं जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस खुलेआम इस देश की जनता की आँखों में धूल झोंक रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ने जो अपना मैनिफेस्टो बनाया है, उसमें उसने जो जो वादे किए हैं, वे इस देश और समाज में नया डिवीज़न पैदा करेंगे। कांग्रेस के घोषणा पत्र में माइनॉरिटीज़ वाले चैप्टर में सेक्शन 3 और 6 को साथ में पढ़ने पर साफ़ हो जाता है कि कांग्रेस क्या करना चाह रही है। मेरी चिंता इससे भी कहीं अधिक बड़ी है क्योंकि कांग्रेस ने अपने मैनिफेस्टो में जो कुछ भी ‘माइनॉरिटी वेलफेयर’ के नाम पर कहा है, वह ‘सच्चर कमेटी’ की रिपोर्ट से प्रभावित है।
उन्होंने कहा कि इस कांग्रेस मैनिफेस्टो में सरकारी नौकरियों में धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण का संकेत दिया है, जो यदि लागू किया, तो उसमें सशस्त्र बल को भी इसके दायरे में ले सकता है। यह देश की एकता-अखंडता को प्रभावित करने वाला विचार है। यह इस देश के लिए बहुत भयावह स्थिति होगी। उन्होंने कहा कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार के खजाने हमेशा खाली रहे हैं। इसके बावजूद आज आन्ध्र प्रदेश 13.5 लाख करोड़ के कर्ज मे डूबा हुआ है। जबकि हर Tax को YSRCP सरकार ने बढ़ा दिया है। आंध्र प्रदेश के हर व्यक्ति के सिर पर 2 लाख रुपये का क़र्ज़ लदा हुआ है।