राकेश टिकैत का दावा, किसान दिल्ली में प्रदर्शन स्थल छोड़कर गए नहीं हैं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 05, 2021

अहमदाबाद। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने इन दावों को रविवार को खारिज किया कि किसान दिल्ली की सीमा पर स्थित प्रदर्शन स्थल छोड़कर चले गए हैं। टिकैत ने कहा कि किसान खेतों में काम करने के लिए गए हैं और जब केंद्र सरकार ‘‘पश्चिम बंगाल चुनाव से मुक्त हो जाएगी तो वे लौट आएंगे।’’ केंद्र के कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। इन किसानों में मुख्य तौर पर पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसान हैं। प्रदर्शनकारी किसान अपनी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी के साथ ही तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: राजस्थान में राकेश टिकैत पर हुये हमले के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर जाम

टिकैत आंदोलन के लिए समर्थन जुटाने के वास्ते गुजरात पहुंचे हैं और उन्होंने राज्य का अपना दो दिवसीय दौरा रविवार को बनासकांठा जिले में मां अंबाजी मंदिर में मत्था टेकने के साथ शुरू किया। टिकैत ने इसके बाद अंबाजी और पालनपुर में समूहों को संबोधित किया। उन्होंने एक सभा में कहा कि कानून व्यापारियों की मदद करने के लिए बनाये गए हैं, किसानों की मदद करने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि किसानों ने विरोध स्थलों से तब तक नहीं हटने का फैसला किया है जब तब उनकी जीत नहीं हो जाती और यह तब होगी जब उनकी सभी मांगों को स्वीकार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘वे सभी खबरें गलत हैं कि किसानों ने आंदोलन स्थलों को छोड़ दिया है। किसान आते हैं और चले जाते हैं। वर्तमान में, वे अपने खेतों में काम करने गए हैं। हमने उनसे कहा है कि सरकार के (पश्चिम) बंगाल चुनाव से मुक्त होने के बाद वे वापस आ जाएं। पूरी सरकार बंगाल में डेरा डाले हुए है। एक बार सरकार वापस आ जाएगी, तो हम उसके साथ बातचीत शुरू करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि गुजरात के किसानों को भी बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए ताकि देश को विश्वास हो कि उस राज्य के किसान भी नये कानूनों के खिलाफ हैं, जहां से बड़े नेता आते हैं। 

प्रमुख खबरें

ISSF World Cup में Swapnil Kusale और सरबजोत सिंह संभालेंगे भारतीय दल की कमान

UP के 18 शहरों में दौड़ेंगी 1,725 AC Electric Buses, कैबिनेट ने दी मंजूरी

मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, केंद्र और दिल्ली पुलिस को मेट्रो और ट्रेनों पर लगी पूर्ण रोक हटाने का SC ने दिया निर्देश

सर्वपितृ अमावस्या पर इन 4 जगहों पर जलाएं दीपक, 10 अक्टूबर को तर्पण से पितरों को मिलेगी शांति