By दिनेश शुक्ल | Mar 15, 2021
जबलपुर। कृषि कानून के खिलाफ देश भर में जारी आंदोलन के बीच जबलपुर के सिहोरा में आयोजित किसान महापंचायत में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के किसान नेता राकेश टिकैत ने केन्द्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का किसान भी अब आक्रोश दिखाएगा और देश भर में जारी आंदोलन में शामिल होगा। इस दौरान उन्होंने जबलपुर को क्रांति का उद्गम स्थल बताया।
उन्होंने महापंचायत में कृषि कानून को रद्द करने की मांग करने के साथ ही केन्द्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह कानून किसानों के लिए मजाक है। केन्द्र सरकार किसानों को गुलाम बनाना चाहती है और इसी का नतीजा है कि वह कृषि कानून लेकर आई है। उन्होंने कहा कि जबलपुर और मध्य प्रदेश का किसान गेहूं की फसल आने के बाद उसका व्यापार कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर करेगा। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि किसान मंडी के बाहर अपना गेहूं बेंच सकेंगे। इसलिए किसान सरकारी कार्यालयों के बाहर खड़े होकर गेहूं बेचेंगे। उन्होंने कहा कि जबलपुर क्रांति का उदगम स्थल है, यहां से क्रांति की मशाल जलानी पड़ेगी। यही भारत का केंद्र बिंदु है।
बता दें कि टिकैत के सिहोरा पहुंचने के पहले वहां किसान पंचायत के लिए तैयार मंच के साथ कुछ लोगों ने छेड़छाड़ की थी। बैनर आदि को नष्ट कर दिया था। इसे लेकर काफी हंगामा भी हुआ था। भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने भाजपा के लोगों पर महापंचायत स्थल पर तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।