By एकता | Oct 14, 2026
रश्मिका मंदाना अपनी आने वाली फिल्म ‘रणबाली’ की रिलीज का इंतजार कर रही हैं। शादी के बाद यह उनकी पति विजय देवरकोंडा के साथ पहली फिल्म है। फिल्म में रश्मिका ने जयम्मा का किरदार निभाया है। भारत के इतिहास के सबसे मुश्किल दौर में से एक 1876-78 के भयंकर अकाल से प्रेरित इस फिल्म के किरदार ने रश्मिका को 400 परिवारों की मदद करने के लिए प्रेरित किया।
रश्मिका ने इंस्टाग्राम पर अपनी टीम का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें परिवारों को राशन के पैकेट बांटे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह पहले इस तरह के काम को सार्वजनिक नहीं करती थीं, लेकिन अब उन्होंने इसके बारे में बताने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि इससे दूसरे लोग भी जरूरतमंदों की मदद करने के लिए प्रेरित होंगे।
उन्होंने लिखा, “आप जो किरदार निभाते हैं, उनमें कुछ ऐसा होता है जो आपको प्रभावित करता है।” रश्मिका ने आगे बताया कि कई लोग उनसे पूछते हैं कि क्या जयम्मा और उनमें कोई समानता है। उनका जवाब हां है और लोगों की मदद करना उनमें से एक है।
रश्मिका ने कहा कि वह हमेशा से इस तरह की मदद करती रही हैं और आगे भी करती रहेंगी। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने इस बारे में इसलिए नहीं बताया, क्योंकि उन्हें लगता था कि अगर वह, उनकी टीम और कुछ करीबी लोग इसके बारे में जानते हैं तो इतना काफी है।
अब उन्होंने इसके बारे में बताते हुए कहा, “अगर इससे आप लोगों को भी ऐसा कुछ करने की प्रेरणा मिल सके, तो मुझे खुशी होगी।” उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने अब इसकी शुरुआत सार्वजनिक रूप से करने का फैसला किया है।
रश्मिका ने बताया कि उन्होंने आज 400 परिवारों को गोद लिया है और वह हर बार 400 परिवारों की तीन महीने तक मदद करना चाहती हैं। वह अगले एक साल तक इस काम को जारी रखने की उम्मीद कर रही हैं।
उन्होंने कहा, “छोटी सी भी दयालुता किसी की जिंदगी बदल सकती है और इसके लिए कुछ बहुत बड़ा करने की जरूरत नहीं है। आइए, हम सभी किसी छोटी चीज से शुरुआत करें।”
रश्मिका ने अपनी टीम द्वारा परिवारों को राशन बांटने का वीडियो भी साझा किया। उन्होंने कहा कि इन परिवारों की मुस्कान उनके लिए पिछले कुछ वर्षों में काम के दौरान झेली गई नींद की कमी, चोट, संघर्ष, दर्द और आंसुओं के मुकाबले बेहद कीमती है।
विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की ‘रणबाली’ 1876-78 के भीषण अकाल से प्रेरित फिल्म है। यह अकाल औपनिवेशिक भारत में आए सबसे जानलेवा अकालों में से एक था।
लगातार पड़े सूखे ने दक्षिण और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से को प्रभावित किया था। इसमें वर्तमान आंध्र प्रदेश का सूखे से प्रभावित क्षेत्र रायलसीमा भी शामिल था। संकट के बावजूद अंग्रेज भारत से अनाज का निर्यात जारी रखते रहे, जिससे बड़े पैमाने पर भुखमरी फैली और लाखों लोगों की मौत हुई।
‘रणबाली’ 1870 के दशक में दक्षिण भारत की पृष्ठभूमि पर बनी एक काल्पनिक कहानी है। फिल्म में विजय एक विद्रोही योद्धा की भूमिका निभा रहे हैं, जो अपने क्षेत्र और वहां के लोगों की रक्षा करते हुए एक अंग्रेज कमिश्नर का सामना करता है। रश्मिका फिल्म में रणबाली की पत्नी और उसके विद्रोह में उसकी साथी जयम्मा का किरदार निभा रही हैं।