By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 09, 2026
नयी दिल्ली, नौ सितंबर रेजरपे के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हर्षिल माथुर ने बुधवार को कहा कि तत्काल भुगतान के क्षेत्र में भारत का नेतृत्व ऐसी कई अरब डॉलर की वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के उभरने का रास्ता खोल सकता है, जो वैश्विक बाजारों में सेवाएं दे सकेंगी। ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ में एक सत्र के दौरान माथुर ने कहा कि इंटरनेट के क्षेत्र में अमेरिका के नेतृत्व के कारण वहां गूगल, अमेजन जैसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां उभरीं। इसी तरह भारत के वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) परिवेश का लाभ स्थानीय कंपनियां उठा सकती हैं और वैश्विक स्तर पर बड़ी कंपनियों के रूप में उभर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि किसी अन्य देश में इस तरह की व्यवस्था नहीं है। माथुर ने कहा, ‘‘कार्ड की पहुंच अभी उतनी व्यापक नहीं है, जिससे भारत के सामने मौजूद एक बड़ी समस्या या स्थिति पैदा होती है। इसी स्थिति ने यूपीआई को आगे बढ़ाने और उसके विकास में मदद की।
मेरा मानना है कि इन बाजारों में भी ऐसे ही कई तत्व मौजूद हैं।’’ व्यापार में कृत्रिम मेधा (एआई) का लाभ उठाने के बारे में पूछे जाने पर माथुर ने कहा कि हर नई प्रौद्योगिकी अपने साथ अवसर और जोखिम लेकर आती है। माथुर ने कहा कि इंटरनेट ने भी अपनी तरह की कई चुनौतियां पैदा की थीं, लेकिन प्रौद्योगिकी के जरिये उनका समाधान किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह, जब कोई नई प्रौद्योगिकी जोखिम पैदा करती है तो उसका बेहतर समाधान भी प्रौद्योगिकी के जरिये ही किया जा सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हम इसकी गति धीमी कर दें बल्कि हमें बचाव के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करने के प्रयास भी तेज करने चाहिए।