Paytm पर RBI का बड़ा एक्शन, Payments Bank का License Cancel, जानें App और UPI का क्या होगा?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 25, 2026

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पेमेंट्स बैंक नियमों का पालन न करने के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। आरबीआई ने कहा कि बैंक का संचालन ऐसे तरीके से किया जा रहा था, जो उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक था। केंद्रीय बैंक ने बताया कि वह बैंक को बंद करने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करेगा। आरबीआई ने कहा कि बैंक ने उसे दिए गए पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है।

ऐसे में बैंक को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।” आरबीआई के अनुसार, बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के कुछ प्रावधानों का भी पालन नहीं कर रहा था। बयान के अनुसार अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक को तत्काल प्रभाव से बैंकिंग से जुड़े किसी भी कार्य को करने से रोक दिया गया है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने 23 मई 2017 से पेमेंट्स बैंक के रूप में काम करना शुरू किया था। पेटीएम ने एक मार्च, 2024 के खुलासे का हवाला देते हुए शेयर बाजार को बताया कि उसका पीपीबीएल के साथ कोई महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौता नहीं है। इसके मुताबिक, कंपनी द्वारा दी जाने वाली कोई भी सेवा पीपीबीएल के साथ साझेदारी में नहीं है। इसके अतिरिक्त, पीपीबीएल स्वतंत्र रूप से संचालित होता है, जिसमें कंपनी की कोई बोर्ड या प्रबंधन भागीदारी नहीं है।

कंपनी पर इसका कोई प्रत्यक्ष वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि कंपनी पहले ही अपने निवेश को बट्टे खाते में डाल चुकी है। पेटीएम ने कहा कि उसकी सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। इन सेवाओं में पेटीएम ऐप, पेटीएम यूपीआई, पेटीएम गोल्ड और उसकी सहायक एवं सहयोगी कंपनियों द्वारा दी जाने वाली अन्य सेवाएं जैसे पेटीएम क्यूआर, साउंडबॉक्स, कार्ड मशीन, पेमेंट गेटवे और पेटीएम मनी आदि शामिल हैं।

प्रमुख खबरें

एक CA भी SIT में होना चाहिए, 2 हफ्ते में दें स्टेटस रिपोर्ट, राम मंदिर डोनेशन स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

RML Hospital Super Speciality Block: ₹400 करोड़ का प्रोजेक्ट फिर भी इलाज नदारद, High Court सख्त

वाराणसी के एक स्कूल में बच्चे के पैंट में पेशाब करने पर शिक्षिका ने गर्म चाकू से जलाया, मुकदमा दर्ज

गैंगस्टर अबू सलेम की रिहाई वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा